दिव्यांगों और सेवानिवृत्त व कार्यरत रेलकर्मियों को मिलेगा सिर्फ ‘डिजिटल पास’, ऑफलाइन यात्रा पास सुविधा बंद
रेलवे ने अपने कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और दिव्यांगों के लिए यात्रा पास की ऑफलाइन सुविधा बंद कर दी है। अब सभी को मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली (HRMS) के ...और पढ़ें

भारतीय रेलवे ने सभी कर्मियों व पेंशनभोगियों के लिए डिजिटल पास अनिवार्य कर दिया है।
HighLights
अब एचआरएमएस के जरिए मिलेगी रेलकर्मियों को सुविधा
रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक ने आदेश जारी किया है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रेलवे ने अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए यात्रा पास और प्रिविलेज टिकट आर्डर (विशेषाधिकार टिकट आदेश ) की व्यवस्था को आफलाइन से बदलकर आनलाइन कर दिया है। अब रेलवे के सभी सेवारत कर्मचारियों के साथ ही दिव्यांग और सेवानिवृत्त (रिटायर्ड) रेलकर्मियों को भी केवल आनलाइन डिजिटल पास ही मिलेगा।
इसके लिए रेलवे बोर्ड के कार्यकारी निदेशक (एमपीपी) शत्रुघ्न बेहरा ने आदेश जारी कर दिया है और कागजी पास की जगह डिजिटल पास देने को कहा है। निर्देश है कि भविष्य में कोई भी पास छपे हुए कागज पर नहीं जारी किए जाएं।
रेलवे ने डिजिटल ई-पास की शुरुआत साल 2020 में ही कर दी थी, लेकिन बुजुर्गों की सुविधा के लिए दिव्यांगों और बुजुर्ग रिटायर्ड कर्मचारियों को यह छूट थी कि वे अपनी सुविधा के अनुसार कार्यालय जाकर कागजी पास ले सकते थे।
हालांकि अब अब अगर कोई आफलाइन आवेदन भी करेगा, तो उसका पास भी डिजिटल माध्यम (एचआरएमएस पोर्टल यानी मानव संसाधन प्रबंधन प्रणाली) से ही जनरेट किया जाएगा। इस बदलाव से मोबाइल या कंप्यूटर चलाने वाले कर्मचारियों को जहां अधिक राहत होगी, वहीं अन्य कर्मचारियों को अब स्वयं को डिजिटल अपडेट करना होगा, ताकि वह परेशानी से बच सकें।