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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    UP News: अर्बन सीलिंग की 50 करोड़ की जमीन पर माफिया अतीक-अशरफ का कब्जा, गैंगस्टर एक्ट में होगी कुर्क

    Updated: Tue, 06 Aug 2024 10:40 AM (IST)

    माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की करोड़ों रुपये की अवैध जमीन को प्रशासन ने कब्जे में ले लिया है। लेकिन अतीक के काले धंधों की दुनिया इतनी बड़ी थी कि ...और पढ़ें

    माफिया अतीक व उसका भाई अशरफ (फाइल फोटो)
    माफिया अतीक व उसका भाई अशरफ (फाइल फोटो)

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। माफिया अतीक और उसके छोटे भाई अशरफ ने अर्बन सीलिंग की जमीन पर भी कब्जा किया था, जिस पर अब उसके करीबी रहते हैं। दोनों भाइयों का नाम राजस्व अभिलेख (खतौनी) में भी दर्ज है। पुलिस की जांच में इसका पता चला है। अब यह संपत्ति भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क करते हुए राज्य सरकार में निहित कराई जाएगी।

    राजरूपपुर कसारी-मसारी स्थित माफिया के कब्जे वाली जमीन की कीमत करीब 50 करोड़ आंकी गई है। माफिया अतीक और उसके गैंग से जुड़े लोगों की नामी-बेनामी संपत्ति की छानबीन के लिए डीसीपी सिटी दीपक भूकर की अगुवाई में एक विशेष टीम लगातार काम कर रही है।

    जमीन पर अतीक के करीबियों का कब्जा

    पता चला कि कसारी-मसारी में 15 हजार 550 वर्गमीटर का प्लाट है, जिस पर अतीक-अशरफ के करीबी रहते हैं। इस पर अतीक के ट्रैक्टर ड्राइवर स्व. हीरा लाल सरोज की पत्नी गोविंदी देवी, उसका बेटा गाय-भैंस पालकर कब्जा किए हुए है। उसी जमीन के बिहार के भी कुछ लोग रहते हैं।

    अर्बन सीलिंग की जमीन पर अतीक व अशरफ का नाम दर्ज है। फिलहाल अब पुलिस ने इस संपत्ति को भी सरकारी बनाने के लिए कवायद तेज कर दी है।

    आखिर कैसे चढ़ा खतौनी में नाम

    अर्बन सीलिंग की जमीन सरकारी जमीन होती है। ऐसे में उस पर माफिया अतीक और अशरफ का नाम कैसे चढ़ा, इसको लेकर तमाम सवाल उठ रहे हैं। बताया गया है कि वर्ष 2002 में दोनों भाइयों को नाम खतौनी में चढ़ा है। अभिलेख गाटा संख्या का उल्लेख करते हुए लिखा है कि राज्य सरकार अर्बन सीलिंग का नाम निरस्त करके अतीक अहमद व खालिद अजीम उर्फ अशरफ पुत्र हाजी फिरोज का नाम चढ़ाया गया।

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