यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maha Kumbh 2025: गंगा तट पर क्रिकेट खेल रहे बाबा, चौकों-छक्कों की हो रही बरसात; कोहली और धोनी से तुलना
Maha Kumbh 2025 महाकुंभ 2025 में क्रिकेट खेलते साधुओं का अनोखा नज़ारा देखने को मिल रहा है। ये साधु स्पिन गेंदबाजी से लेकर तेज गति की गेंदों का भी सामन ...और पढ़ें

HighLights
- बखूबी कर रहे स्पिन गेंदबाजी से लेकर तेज गति की गेंदों का भी सामना
- कोई कोहली और धोनी से तुलना कर रहा
अमरीश मनीष शुक्ल, महाकुंभ नगर । Maha Kumbh 2025: आप मिले होंगे शास्त्र-शास्त्र के ज्ञाताओं से। ज्ञान, ध्यान, जप, तप, हठ करते साधुओं से। आध्यात्मिक शक्ति धारण किए प्रकांड विद्वानों से।
पर आइये मिलते हैं आपको कुछ अलग बाबाओं से...। जिनके हाथ में त्रिशूल की जगह बैट है। सिर पर हेलमेट की जगह जटा जूट। चेहरे पर सन क्रीम की जगह भस्म लगा है। लाल आंखे, शरीर पर भस्म का लेपन, अर्धनग्न शरीर और धड़ा-धड़ चौके छक्के...। गजब भाई गजब! यह अद्भुत है और शायद यहीं संभव भी।
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क्रिकेट खेलते बाबा इन दिनों आकर्षण का केंद्र
यह प्रयागराज महाकुंभ का दृश्य है। क्रिकेट खेलते बाबा इन दिनों आकर्षण का केंद्र बने हैं। स्पिन गेंदबाजी करिए या तेज गति की, सबका सामना बड़ी कुशलता से करते हैं। इन्हें कोई क्रिकेटर बाबा बोल रहा, कोई कोहली और धोनी से तुलना कर रहा....। इनकी संख्या आधा दर्जन से अधिक है।
पर यह ना नाम बताएंगे न अखाड़ा...। यह कहते हैं जब माधव गेंद खेल सकते हैं तो हम क्यों नहीं..? किसी ने माधव से नाम पूछा था क्या ?

लोग बन रहे बाबाओं के क्रिकेट के साक्षी
यमुना तट पर भगवान श्रीकृष्ण की गेंद खेलते कथा तो आपने सुनी ही होगी। गेंद यमुना में गई, जहां उन्होंने कालिया नाग का अहंकार नष्ट किया था। वैसा ही कुछ दृश्य इन दिनों महाकुंभ में गंगा तट पर है। महाकुंभ के सेक्टर नंबर छह में शिविरों और कल्पवासी क्षेत्र से जुड़ा और तंबुओं के शहर से कदम ताल की दूरी पर नागवासुकि ढाल के पास दारागंज और छोटा बघाड़ा के बीच दूर तक कछार फैला है।

यह अब गंगा पथ के पश्चिम में है और पूरी तरह से समतल, किसी खेल मैदान की तरह। अब यहां बाबाओं का क्रिकेट खेलते दृश्य लोगों को कुछ क्षणों के लिए रोक देता है। सड़क पर बाइक, कार खड़ी कर लोग बाबाओं के इस क्रिकेट के साक्षी भी बन रहे हैं। एक ओर प्रयाग की युवा पीढ़ी है, दूसरी ओर साधुओं की टोली।
खबरें और भी
युवाओं के बीच पहुंच कर वह चौके छक्के लगा रहे हैं। युवा खुद को धन्य समझ रहे हैं। अब साधुओं का क्रिकेट खेलते वीडियो सैकड़ों की संख्या में इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। लिखा जा रहा कि क्रिकेट क्यों भारत के खून में है, देख लीजिए, क्रिकेट से अध्यात्म की भेंट हो रही है। यह संगम है। यह महाकुंभ है। अलग-अलग वीडियो के बैक ग्राउंड में विविध भक्ति गाने और खेल, अध्यात्म का मर्म समझाते कोट प्रणम्य हैं।