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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    भारत का सबसे बड़ा आर्थिक आयोजन बना 'महाकुंभ', 3.25 लाख करोड़ का कारोबार, सरकार को कितना हुआ फायदा?

    Updated: Tue, 25 Feb 2025 03:15 PM (IST)

    Maha Kumbh Mela Economy | कुंभ मेला 2025 न केवल आस्था का महाकुंभ है बल्कि अर्थव्यवस्था का भी संगम है। इस बार का महाकुंभ 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक क ...और पढ़ें

    भारत का सबसे बड़ा आर्थिक आयोजन बन गया है महाकुंभ। (तस्वीर जागरण)
    भारत का सबसे बड़ा आर्थिक आयोजन बन गया है महाकुंभ। (तस्वीर जागरण)

    HighLights

    1. आस्था व अर्थव्यवस्था का संगम 3.25 लाख करोड़ का कारोबार
    2. अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट, विंध्याचल धाम की अर्थव्यवस्था को भी मिली मजबूती
    3. स्वच्छता कर्मियों ने बनाया कीर्तिमान, 15 हजार ने लगाई झाड़ू

    ज्ञानेंद्र सिंह, महाकुंभनगर। Maha Kumbh 2025 | विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक आयोजन महाकुंभ आस्था और अर्थव्यवस्था के गहरे संबंध को भी दर्शा रहा है। इससे प्रदेश ही नहीं, देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। महाकुंभ 2025 ने अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

    कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (सीएआइटी) के अनुसार, इस बार का महाकुंभ 3.25 लाख करोड़ रुपये से अधिक के कारोबार (Maha Kumbh Mela Economy) वाला है। यह भारत के सबसे बड़े आर्थिक आयोजनों में एक है। सीएआइटी महासचिव और सांसद प्रवीन खंडेलवाल की राय में आयोजन आस्था और अर्थव्यवस्था का संगम बन चुका है।

    देशभर में इस आयोजन को लेकर अभूतपूर्व उत्साह है। मेले को सिर्फ एक दिन ही बचा है। 26 फरवरी तक 65 से 66 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है। इससे कुल व्यापार 3.25 लाख करोड़ रुपये (Maha Kumbh Economy Impact) से अधिक होने की संभावना है। अयोध्या, वाराणसी, विंध्याचल, चित्रकूट व मैहर समेत अन्य धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि हुई है, इससे वहां स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है।

    केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रयागराज में सड़क, फ्लाईओवर और अंडरपास के निर्माण एवं सुधार पर लगभग 33 हजार करोड़ खर्च किए हैं। अयोध्या, वाराणसी, चित्रकूट, विंध्याचल धाम की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिली है। भारत का सबसे बड़ा आर्थिक आयोजन हुआ।

    खबरें और भी

    स्वच्छता कर्मियों ने बनाया कीर्तिमान, 15 हजार ने लगाई झाड़ू

    महाकुंभ 2025 में उत्तर प्रदेश सरकार और प्रयागराज मेला प्राधिकरण अपना ही पिछला कीर्तिमान तोड़ा। सोमवार को मेला क्षेत्र के चार जोनों में एक साथ 15 हजार स्वच्छता कर्मियों ने झाड़ू लगाकर गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड बनाने का प्रयास किया। इसकी अंतिम रिपोर्ट तीन दिन बाद जारी की जाएगी।

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    महाशिवरात्रि पर शिवालयों में रातभर चलेगा अनुष्ठान

    महाकुंभ के अंतिम स्नान पर्व महाशिवरात्रि को लेकर हर किसी में उत्साह है। त्रिवेणी संगम के पवित्र जल में डुबकी लगाने के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। तीर्थराज के प्राचीन शिवालयों में दर्शन-पूजन का विशेष प्रबंध किया गया है।

    श्रीमनकामेश्वर महादेव, ऋणमुक्तेश्वर महादेव, शिवकोटि, गंगोली शिवालय, दशाश्वमेध महादेव, पंचमुखी महादेव, कोटेश्वर महादेव सहित हर शिवालय में बुधवार की सुबह से दर्शन-पूजन आरंभ हो जाएगा। मनकामेश्वर महादेव मंदिर में भोर से लेकर रातभर जप-तप चलेगा।

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