यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Mahakumbh Stampede: संगम के सभी घाटों पर शांतिपूर्वक चल रहा है स्नान, अखाड़े करेंगे प्रशासन का सहयोग
Mahakumbh Stampede संगम तट से पहले बने द्वार के पास हुई भगदड़ के बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई। कई श्रद्धालुओं की मौत और घायल होने से अफरातफरी मच गई। पु ...और पढ़ें

HighLights
- अखाड़े नहीं करेंगे अमृत स्नान, प्रशासन का करेंगे सहयोग
- स्थिति को नियंत्रित करने में जुट रहे अफसर, होता रहा स्नान
जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर। संगम तट से पहले बने द्वार के पास हुई भगदड़ के बाद स्थिति अनियंत्रित हो गई। कई श्रद्धालुओं की मौत और घायल होने से अफरातफरी मच गई। पुलिस, प्रशासन, आपदा प्रबंधन की टीम ने तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया। करीब तीन घंटे की बाद स्थिति को काफी नियंत्रित कर लिया गया लेकिन पूरी तरह से नियंत्रित करने में अफसर जुटे रहे।
उधर, अखाड़ों ने अमृत स्नान करने से इन्कार किया और कहा कि वह मेला प्रशासन के साथ पूरा सहयोग करेंगे। उधर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम से लगातार संगम तट पर न आने के लिए श्रद्धालुओं से अनुरोध किया जाता रहा है। जबकि संगम के अलावा दूसरे घाटों पर श्रद्धालु स्नान करते रहे।
धक्का-मुक्की के बाद मची भगदड़
बताया गया है कि संगम तट से कुछ दूर पहले बने द्वार पर उस समय हादसा हुआ जब आने-जाने वाले श्रद्धालु टकरा गए। स्नानार्थियों में आमना-सामना होने पर आगे निकलने के लिए धक्का-मुक्की शुरू हो गई। इसके बाद भगदड़ मच गई।
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केंद्रीय चिकित्सालय के बाद मौजूद कुछ प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेजी से भगदड़ हुई और लोग जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद लोग उन पर चढ़ते गए। मेला क्षेत्र में सक्रिय एडीजी जोन भानु भास्कर, आइजी रेंज प्रेम गौतम, कमिश्नर विजय विश्वास पंत, पुलिस कमिश्रर तरुण गाबा, महाकुंभ मेलाधिकारी विजय किरण आनंद भगदड़ की खबर पाते ही पूरे तंत्र को एक्टिव कर दिया।
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कुछ ही देर में घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
कुछ ही देर में वहां एंबुलेंस पहुंचने लगी और घायलों को अस्पताल लाया जाने लगा। इलाज करने के साथ ही राहत और बचाव कार्य तेजी से बढ़ाया गया। भोर तक सभी अधिकारी स्थिति को पूरी तरह से नियंत्रित करने के लिए प्रयासरत रहे।
अखाड़े नहीं करेंगे अमृत स्नान
स्थिति को नियंत्रित करने और आगे की अनहोनी से बचने के लिए कुंभ मेला अधिकारी विजय किरन आनंद ने अखाड़ों से अपील की कि अमृत स्नान फिलहाल स्थगित कर दिया जाए। अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी ने इस अपील पर सहमति जताते हुए कहा, "हम प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है।"
भीड़ को नियंत्रित करने के लिए संगम जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग की गई है, और श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने कुंभ मेले के आयोजन में सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े किए हैं।