Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'घर के ऊपर से जा रहीं मिसाइलें, डर लग रहा है पापा..' अबूधाबी में पति के साथ संकट में फंसीं प्रयागराज की मधुलिका

    By Amerdeep Bhatt Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Sun, 01 Mar 2026 08:35 PM (GMT+05:30)

    अबू धाबी में अपने पति के साथ फंसी प्रयागराज की मधुलिका ने वीडियो कॉल पर पिता को बताया कि ईरान की ओर से दागी जा रही मिसाइलें उनके घर के ऊपर से जा रही ह ...और पढ़ें

    प्रयागराज में सहसों के देवनहरी गांव में पिता दिनेश शुक्ला से वीडियो कॉल पर अबुधाबी से युद्ध के हालात बतातीं मधुलिका। सौजन्य- स्वतः

    प्रयागराज में सहसों के देवनहरी गांव में पिता दिनेश शुक्ला से वीडियो कॉल पर अबुधाबी से युद्ध के हालात बतातीं मधुलिका। सौजन्य- स्वतः

    HighLights

    1. वीडियो कॉल पर हुई बातचीत में बेटी ने बताया युद्ध का हाल

    2. सहसों की मधुलिका ने बताया- ईरान वाले मिसाइल दाग रहे हैं

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। एकदम से जान अटकी हुई है पापा, ईरान वाले मिसाइल दाग रहे हैं तो अमेरिकी बेस की ओर हम लोगों के घर के ऊपर से ही जा रही हैं मिसाइलें। गड़गड़ाहट की आवाज आसमान से आती है तो कलेजा कांप उठता है। बेटा, सब ठीक हो जाएगा भगवान पर भरोसा रख... (पिता का दिलासा)। ....हां पापा, हम सुरक्षित हैं लेकिन लगता है कि हवा में मिसाइल नष्ट कर दी गई तो कहीं यहां आसपास ही आग न फैल जाए।

    दहशत के साए में बयां किए हालात 

    शनिवार की आधी रात में मिसाइलें सनसनाते हुए जा रही थीं तो बहुत घबराहट हो गई थी। खिड़की से देख रहे हैं तो डर लग रहा है। ईरानी नेता अयातुल्ला अली खामेनेई और आर्मी चीफ के मारे जाने के बाद तो युद्ध और तेज हो गया है। सहसों के देवनहरी गांव में रहने वाले दिनेश शुक्ला से ईरान-इजराइल युद्ध का हाल कुछ इसी तरह से बता रहीं थीं अबूधाबी शहर में रह रहीं उनकी बेटी मधुलिका। 

    वीडियो कॉलिंग से पिता को बताया हाल

    इंजीनियर पति आशीष मिश्रा के साथ मधुलिका काफी समय से वहीं हैं। रविवार को वीडियो कॉलिंग के जरिए पिता से अपना हाल बताते हुए कहा कि बात करते हुए भी डर लग रहा है क्योंकि संयुक्त अरब अमीरात की सरकार फोन मैसेज पर लगातार चेतावनी संदेश भेज रही है कि देश के हालात का जुबानी प्रसार बाहर न करें।

    दिनेश के दामाद अबूधाबी में कार्यरत हैं 

    दिनेश शुक्ला बताते हैं कि दामाद अबूधाबी में रिफाइनरी कंपनी में कार्यरत हैं। जब से युद्ध शुरू हुआ है घर में ही कैद होकर रह गए हैं। वीडियो कॉल पर ही दिनेश की बात आशीष से हुई तो पता चला कि ईरान, अमेरिकी बेस व इजराइल के अन्य सैन्य ठिकानों को ही निशाना बना रहा है। आम नागरिकों पर हमले नहीं किए जा रहे हैं। शहर में सायरन की आवाजें गूंज रही हैं इससे मन में घबराहट है। बताया कि फोन के नेटवर्क कभी आ रहे हैं कभी घंटों तक ठप रहता है। मिसाइल का रूट उनके घर के ऊपर से ही है इसलिए भगवान से कामना कर रहे हैं कि यहां कुछ न हो। फिलहाल बेटी-दामाद को पिता ने घर में रहने और न घबराने के लिए कहा है।  

    खबरें और भी

    दम्माम शहर में रेहान, सोरांव में परिवार की अटकी सांसें

    दम्माम शहर (सऊदी अरब) के एक सरकारी अस्पताल में बतौर एयर कंडीशनर टेक्नीशियन मोहम्मद रेहान खान की सलामती को लेकर सोरांव में उनका परिवार चिंतित है। रेहान से भाई मोहम्मद रिजवान सैफ खान की रविवार दोपहर में ही वीडियो कॉल पर बात हुई। पता चला कि हवाई हमले तो सैन्य ठिकानों पर ही हो रहे हैं लेकिन सायरन आम रिहायशी क्षेत्रों में भी सुनाई देने लगा है। परिवार मान रहा है कि रेहान सुरक्षित हैं लेकिन दिली इच्छा है कि किसी तरह युद्ध के संकट से निकल कर यहां अपने घर आ जाएं।

    समुद्री रास्ते बंद, एयरपोर्ट पर पाबंदियां 

    सोरांव के मोहम्मदपुर नौगवां में लगभग 20 लोग ऐसे हैं जो खाड़ी देशों में रह रहे हैं। इरफान उद्दीन के बेटे मोहम्मद रेहान खान, दम्माम में साराको कंपनी के लिए एसी टेक्नीशियन का काम करते हैं। यहां परिवार के साथ रेहान की पत्नी, छह साल की बेटी, डेढ़ साल का बेटा, भाई व अन्य लोग रहते हैं। रेहान ने भाई मोहम्मद रिजवान सैफ खान को बताया कि सऊदी अरब की सरकार ने समुद्री रास्तों को बंद कर दिया है। एयरपोर्ट पर पाबंदियां हैं। भरोसा दिलाया कि जल्दी घर आएंगे। रेहान ने अपने बेटे बेटी से भी बात की।  

    भाई घर आ जाए, और क्या चाहिए

    मोहम्मद रिजवान सैफ कहते हैं कि फिलहाल तो सब सुरक्षित है। नागरिकों पर हमले नहीं हो रहे हैं, अपने घर के आसपास कहीं आने जाने में रोकटोक भी नहीं है लेकिन दिली इच्छा है कि रेहान यहां घर लौट आए जल्दी से।   

    कुम शहर में बेटा, चिंताग्रस्त पिता

    रोशनबाग में मंसूर पार्क के पास रहने वाले खुशनूद रिजवी का बेटा शाकिब रिजवी, तेहरान के पास कुम शहर में हैं। एक इस्लामिक विश्वविद्यालय में पढ़ाई कर रहे शाकिब ने परिवार से शनिवार को दोपहर दो बजे फोन पर बात की थी। इसके बाद नेटवर्क कट गया। खुशनूद ने बताया कि बेटा फिलहाल सुरक्षित है। बात हुई है लेकिन चिंता तो लगी है। कहा कि ईरान के सुप्रीम नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को मार दिया गया, यह ठीक नहीं हुआ है। पूरा ईरान गम और गुस्से में है। वहां बेटा शाकिब भी है। जो भी लोग उस देश में हैं उन पर संकट तो है ही, लेकिन यहां चिंता में रात को नींद नहीं आ रही है।