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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Mutual Teacher Transfer: बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों को बड़ी राहत, गर्मी की छुट्टी में होंगे पारस्परिक स्थानांतरण

    Updated: Wed, 19 Mar 2025 07:37 PM (GMT+05:30)

    बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! गर्मी की छुट्टियों में पारस्परिक अंतजनपदीय और अंतरजनपदीय स्थानांतरण किए जाएंगे। ओपेन स्थानांतरण करीब आ ...और पढ़ें

    गर्मी की छुट्टी में होंगे शिक्षकों का पारस्परिक स्थानांतरण। जागरण
    गर्मी की छुट्टी में होंगे शिक्षकों का पारस्परिक स्थानांतरण। जागरण

    राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के पारस्परिक अंत:जनपदीय और अंतरजनपदीय स्थानांतरण गर्मी की छुट्टी में किए जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, लेकिन आठ साल से जिले के अंदर सामान्य (ओपेन) स्थानांतरण/समायोजन नहीं होने से बड़ी संख्या में शिक्षक दूर ब्लाकों में अटके हैं।

    ऐसे में उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ ने सामान्य स्थानांतरण किए जाने की मांग उठाई है, ताकि दूर ब्लाकों में कार्यरत वह शिक्षक भी घर के नजदीक स्थानांतरण पा सकें, जिनके पारस्परिक स्थानांतरण के लिए तालमेल (पेयर) नहीं बन पा रहे।

    बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने बताया कि शिक्षकों का पद जिला कैडर का है, लेकिन वर्ष 2017 के बाद से शिक्षक ओपेन स्थानांतरण मिलने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। पारस्परिक स्थानांतरण का लाभ शिक्षकों को जरूर हुआ है, लेकिन यह लाभ पाने वालों से कहीं अधिक संख्या लाभ न पाने वालों की है।

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    पारस्परिक अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया छह मार्च से शुरू हुई है, जबकि पारस्परिक अंत:जनपदीय स्थानांतरण के लिए 12 मार्च से आवेदन लिए जा रहे हैं। पारस्परिक स्थानांतरण के लिए समयसारिणी बेसिक शिक्षा परिषद सचिव सुरेन्द्र कुमार तिवारी ने जारी कर दी है। ओपेन स्थानांतरण करीब आठ वर्ष से नहीं होने से बड़ी संख्या में शिक्षक घर से दूर हैं।

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    पारस्परिक अंतरजनपदीय स्थानांतरण के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। जागरण (सांकेतिक तस्वीर)


    अनिल यादव ने कहा है कि घर के नजदीक स्थानांतरण मिलने पर शिक्षक मनोयोग से विद्यालयों में शिक्षण कार्य कर सकेंगे, जिससे विद्यालय में शैक्षणिक स्तर सुदृढ़ होगा।

    नकल माफिया ने बना रखी है करोड़ों की संपत्ति

    नकल माफिया सोनू सिंह यादव ने अपने व परिवार के सदस्यों के नाम पर करोड़ों रुपये की चल और अचल संपत्ति बना रखी है। शुरुआती छानबीन में पुलिस को यह जानकारी मिली है। अब राजस्व विभाग से उसकी प्रापर्टी के बारे में रिपोर्ट प्राप्त की जाएगी। इसके बाद अपराध से अर्जित संपत्ति को गैंगस्टर एक्ट के तहत जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी।

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    गैंगस्टर का मुकदमा दर्ज होने के बाद नवाबगंज पुलिस ने गैंग लीडर सोनू और उसके सहयोगियों पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। वांछित अभियुक्तों की तलाश में छापेमारी भी की जा रही है। बताया गया है कि नवाबगंज थाना क्षेत्र के कटरा कौड़िहार निवासी सोनू सिंह यादव लंबे समय से प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करता रहा है। उसने सिपाही और एसएससी की एमटीएस परीक्षा के अभ्यर्थियों को पास कराने के नाम पर 10 से 12 लाख रुपये तक लिए थे।

    उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर पूरे गिरोह को आपरेट करते हुए करोड़ों रुपये कमाए थे। इसके बाद अपने व परिवार के सदस्यों के नाम पर अलग-अलग स्थानों पर अचल संपत्ति बनाई। सोनू की तरह उसके दूसरे सहयोगियों ने अपराध से अर्जित पैसे से चल-अचल संपत्ति बनाई है। अब पुलिस सभी प्रापर्टी का ब्योरा जुटा रही है।