यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
PCS Jyoti Maurya Case: ज्योति मौर्या के खिलाफ बंद होगी जांच की फाइल, आलोक के साथ हो गया गोपनीय समझौता?
SDM Jyoti Maurya Case Update पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या के खिलाफ चल रही जांच की फाइल अब लगभग बंद हो गई है। पति द्वारा शिकायत वापस लेने पर जांच कमेटी ...और पढ़ें

HighLights
- PCS ज्योति मौर्या के खिलाफ चल रही भ्रष्टाचार की जांच होगी बंद
- जांच कमेटी ने शासन को रिपोर्ट बंद करने की सिफारिश की है
- ज्योति मौर्या और आलोक में समझौते की सुगबुगाहट तेज
जागरण संवाददाता, प्रयागराज : PCS Jyoti Maurya। Prayagraj News। पीसीएस अधिकारी ज्योति मौर्या के खिलाफ चल रही जांच की फाइल अब लगभग बंद हो गई है। पति द्वारा शिकायत वापस लेने पर जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में इस प्रकरण को खत्म करने की सिफारिश कर दी है। इसकी रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजी जाएगी।
दूसरी ओर ज्योति के पति आलोक मौर्य के खिलाफ धूमनगंज थाने में दर्ज मुकदमे को भी वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करा दी गई है। कहा जा रहा है कि ज्योति और उनके पति के बीच गोपनीय समझौते के बाद ये कवायद सामने आई है।
आलोक मौर्य ने ज्योति पर लगाया था भ्रष्टाचार का आरोप
लगभग डेढ़ माह पहले आलोक मौर्य ने अपनी पत्नी ज्योति मौर्या के खिलाफ भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए शासन में शिकायत की थी। नियुक्ति विभाग की ओर से इस मामले में मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत से उच्चस्तरीय जांच कराने को कहा गया था।
मंडलायुक्त ने इस प्रकरण की जांच के लिए अपर आयुक्त प्रशासन अमृतलाल बिंद, एडीएम प्रशासन हर्षदेव पांडेय और एसीएम प्रथम जयजीत कौर की कमेटी गठित की थी। कमेटी ने दोनों पक्षों को नोटिस दिया था। ज्योति मौर्य के पति को आरोपों को लेकर साक्ष्य मांगा गया तो उन्होंने 20 दिन का समय लिया था।
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कमेटी ने तय की थी 28 अगस्त की तारीख
कमेटी ने 28 अगस्त की तारीख तय की थी। इस दिन आलोक कमेटी के समक्ष उपस्थित हुए और आरोपों का सबूत देने के बजाय उन्होंने शिकायत वापस ले लिया। उन्होंने जांच कमेटी को लिखकर दिया कि वह सोच-समझकर शिकायत वापस ले रहे हैं। इसमें किसी प्रकार का कोई भी दबाव नहीं है।
अपर आयुक्त प्रशासन अमृतलाल बिंद के मुताबिक आलोक मौर्य पत्नी ज्योति मौर्या के खिलाफ शिकायत वापस ले चुके हैं। ऐसे में अब इस प्रकरण को खत्म कर देने की रिपोर्ट दी गई है। आगे की कार्यवाही उच्चाधिकारियों के निर्देश पर की जाएगी।