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Prayagraj : फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह का ऑपरेटर भी गिरफ्तार, कानपुर का सरगना उपलब्ध कराता था User ID

By tara chand Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 02 Aug 2026 09:10 PM (IST)

प्रयागराज में फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह के एक ऑपरेटर संजूले गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। वह इंडियन बैंक में आधार ऑपरेटर का काम करता था।

साइबर क्राइम थाने की पुलिस की गिरफ्त में फर्जी आधार कार्ड बनाने का आरोपित ऑपरेटर संजुले गुप्ता। साभार : पुलिस

साइबर क्राइम थाने की पुलिस की गिरफ्त में फर्जी आधार कार्ड बनाने का आरोपित ऑपरेटर संजुले गुप्ता। साभार : पुलिस

HighLights

  1. ऑपरेटर इंडियन बैंक की गंगापार स्थित लालगोपालगंज शाखा में करता था काम

  2. UIDAI की वेबसाइट में सेंध लगा फर्जी आधार कार्ड बनाने वाले गिरोह पर शिकंजा

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआइडीएआइ) की वेबसाइट में सेंध लगाकर फर्जी आधार कार्ड बनाने और अपडेट करने वाले गिरोह से जुड़े एक आपरेटर को भी दबोच लिया गया है। साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने रविवार को प्रतापगढ़ जिले के कुंडा थाना क्षेत्र के बसहीपुर, जालिमगंज निवासी अभियुक्त संजूले गुप्ता को गिरफ्तार किया।

दो एंडायड मोबाइल बरामद

उसके कब्जे से दो एंडायड मोबाइल बरामद किया गया है। वह इंडियन बैंक की लालगोपालगंज शाखा में आधार आपरेटर का काम करता था। इसके साथ ही कानपुर निवासी गैंग के सरगना विवेक से यूजर आइडी, पिन नंबर लेकर फर्जी आधार कार्ड बनाने, अपडेट करने का भी काम करता था। गिरोह से जुड़े कई और आपरेटर की तलाश की जा रही है।

एटीएस ने विवेक त्रिपाठी को किया था गिरफ्तार 

पांच दिन पहले आतंकवाद निरोधक दस्ता (एटीएस) ने आईपीएस ई सर्विस प्राइवेट लिमिटेड कंपनी (हमारा केंद्र) के अधिकारी विवेक त्रिपाठी को गिरफ्तार किया था। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। विवेचना में पता चला कि संगठित तरीके से एक गिरोह काम कर रहा है। शनिवार को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने कानपुर निवासी सरगना परमात्मा शरण उर्फ विवेक और उसके सहयोगी प्रतापगढ़ के लवकुश यादव को पकड़ा। पूछताछ में पुलिस को कई अहम जानकारी मिली। रविवार को साइबर क्राइम थाना प्रभारी रोहित तिवारी, इंस्पेक्टर राघवेंद्र सिंह, दारोगा राहुल की टीम ने संजूले गुप्ता को भी दबोच लिया।

अधिक पैसे कमाने के लालच मिला था 

थाना प्रभारी ने बताया कि संजूले बायोलॉजी में बीएससी किया है। वह वर्ष 2021 में कुंडा में आधार ऑपरेटर का काम करता था, तभी लवकुश के संपर्क में आया था। वर्ष 2023 में आइडी बंद हो गई तो बी टेक्नालाजी के अंतर्गत इंडियन बैंक में काम करने लगा। इस दौरान लवकुश ने उसे ज्यादा पैसा कमाने का लालच दिया तो संजूले भी फर्जी आधार कार्ड बनाने, अपडेट करने का काम शुरू कर दिया था। बहरहाल, इसी मामले में अभी अयोध्या, चंदौली, चित्रकूट समेत अन्य स्थान पर रहने वाले कई आपरेटरों की तलाश पुलिस कर रही है।