प्रयागराज में गंगा-यमुना का लगातार बढ़ रहा जलस्तर, शहर के मुहल्ले व 100 गांव बाढ़ के मुहाने पर; तस्वीरों में देखें
पहाड़ों पर लगातार बारिश और बांधों से पानी छोड़े जाने के कारण प्रयागराज में गंगा, यमुना, टोंस और बेलन नदियां ...और पढ़ें

प्रयागराज के छोटा बघाड़ा इलाके में बाढ़ को लेकर निरीक्षण करते प्रशासनिक अधिकारी व एनडीआरएफ टीम। जागरण
HighLights
एमपी, बुंदेलखंड में लगातार वर्षा से उफना रही यमुना, गंगा में आ रहा उत्तराखंड का पानी
यमुना नदी में बेतवा, मंदाकिनी और शरभंगा नदियों का आ रहा एक लाख क्यूसेक पानी
टोंस और बेलन नदियां भी उफान पर हैं, दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जनपद बाढ़ के मुहाने पर खड़ा है। पहाड़ों पर लगातार हो रही तेज बारिश की वजह से मैदानी क्षेत्र में नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज में यमुना ने तेजी पकड़ ली है तो गंगा के जल स्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है। दोनों नदियों की तेजी से शहर के एक दर्जन मुहल्लोंं के साथ ही किनारे के 100 से ज्यादा गांव बाढ़ के मुहाने पर आ गए हैं।
कंट्रोल रूम-0532-2641577, 0532-2641578
प्रशासनिक अधिकारियों ने किया निरीक्षण
इसके साथ ही टोंस और बेलन नदियां भी उफान पर हैं। दोनों नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। इसके मद्देनजर जिला प्रशासन की ओर से सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। वहीं रविवार को शहर के छोटा बघाड़ा इलाके में बाढ़ को लेकर प्रशासनिक अधिकारी व एनडीआरएफ की टीम ने निरीक्षण किया।

विभिन्न विभागों के अधिकारियों को निर्देश
सीडीओ, नगर आयुक्त, सभी एडीएम व एसडीएम, एसीएम तथा तहसीलदारों के साथ ही पीडब्ल्यूडी, विद्युत, स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य, शिक्षा विभाग, जल संस्थान, जल निगम व पुलिस तथा पीएसी के अधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के लिए निर्देशित किया गया है। रविवार भोर में बांध स्थित लेटे हनुमानजी का महास्नान हो गया है।

खास-खास
- 5 लाख क्यूसेक के करीब पानी कानपुर बैराज, नरौरा बांध से छोड़ा जा रहा गंगा में
- 3 लाख क्यूसेक माताटीला, लहचुरा, मौदहा, हथिनीकुंड बांधों से यमुना में आ रहा पानी
यमुना का 12 घंटे सवा मीटर जलस्तर बढ़ा
यमुना में केन, बेतवा, चंबल तथा मंदाकिनी, शरभंग, धसान नदियों का पानी आ रहा है। बेतवा, मंदाकिनी व शरभंग नदियां उफान पर हैं। लहचुरा, मौदहा, हथिनीकुंड, माताटीला बांधों तथा ओखला बैराज से पानी आ रहा है। हमीरपुर, झांसी और महोबा-झांसी सीमा पर स्थित बांधों का पानी भी लगातार यमुना में आ रहा है। इससे यमुना का पिछले 36 घंटे में लगभग दो मीटर तो 12 घंटे सवा मीटर जलस्तर बढ़ा है। यमुना का जलस्तर अभी लगभग सवा मीटर और बढ़ने की संभावना है।

24 घंटे में 41 सेमी बढ़ा गंगा का पानी
इसी तरह गंगा का जलस्तर 36 घंटे में 55 सेमी तो 24 घंटे में 41 सेमी बढ़ा है। दूसरी ओर टोंस और बेलन नदियों में भी बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। दोनों नदियां तेजी से बढ़ रही हैं। मीरजापुर और सोनभद्र के पहाड़ों से इस नदी में पानी आ रहा है। मीरजापुर स्थित मेजा डैम, सिरसी व अदवा बांधों से पानी छोड़ने से बेलन नदी में बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। यहां लगभग 60 हजार क्यूसेक पानी लगातार चल रहा है।

गंगा, यमुना व अन्य नदियों का जलस्तर
गंगा का फाफामऊ में--81.03 मीटर
यमुना का नैनी में ---81.14 मीटर
गंगा का छतनाग में -80.69 मीटर
बेलन का लालगंज में -135.65
बेलन का खीरी में- 93.06
टोंस का मेजा रोड में -78.51 मीटर
टोंस कोहड़ार घाट में-78.54
टोंस चाकघाट (मप्र) में-92.07
टोंस रीवा (मप्र) में -262.8 मीटर
टोंस सतना (मप्र) में -287.08
गंगा-यमुना का खतरे का निशान -84.73 मीटर
रविवार दोपहर 12 बजे जलस्तर
यमुना
नैनी- 81.65m (+12)
गंगा
फाफामऊ- 81.76m (+20)
छतनाग- 81.25 (+20)
एसटीपी बक्सी बांध- 81.86 (+12)
यमुना का बढ़ सकता है सवा मीटर पानी
मप्र के रीवा और सतना का पानी टोंस में आ रहा है। इस नदी का भी पानी अभी और बढ़ने की उम्मीद है। टोंस नदी करछना के पनासा गांव के पास गंगा में मिलती है। पहाड़ी नदी टोंस की धारा तेज होती है जिसके बढ़ने से गंगा का बहाव प्रभावित हो जाता है, जिससे गंगा का पानी तटीय इलाकों में चढ़ता है, जिससे शहर तथा सोरांव, फूलपुर, करछना के गांवों में पानी घुसता है। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता डीएन शुक्ला ने बताया कि यमुना का जलस्तर सवा मीटर और बढ़ सकता है। वहीं गंगा का भी पानी बढ़ेगा।
गंगा और यमुना के साथ ही टोंस व बेलन नदियों का पानी तेजी से बढ़ रहा है। प्रशासन, राजस्व, पुलिस, पीएसी के साथ ही अन्य विभागों के अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए बोला गया है। बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत आश्रय स्थलों को तैयार कराया जा रहा है।
- विनीता सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व।
