प्रयागराज में बाढ़: टोंस के साथ बेलन भी खतरे के निशान से पार, गंगा-यमुना का लगातार बढ़ रहा जलस्तर
प्रयागराज में टोंस और बेलन नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे गंगा-यमुना का जलस्तर भी लगातार ...और पढ़ें

प्रयागराज में गंगा में बाढ़ के पानी से जलमग्न छोटा बघाड़ा के मकान। जागरण
HighLights
बाणसागर, अदवा व सिरसी बांधों के सभी गेट खोले, टोंस खतरे के निशान के डेढ़ मीटर ऊपर
शहर के आठ मोहल्लों की गलियों व घरों में घुसा बाढ़ का पानी, लोगों की बढ़ गई परेशानी
नौ गांवों व 11 बस्तियों में लोगों का नावों से आवागमन, बदरा व सोनौटी में ज्यादा दिक्कत
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। पहाड़ों पर हो रही भारी वर्षा से बांधों से छोड़े जा रहे पानी से टोंस के साथ बेलन नदी भी खतरे का निशान पार गईं। तीन सितंबर को बेलन नदी लाल निशान पार कर गई, जबकि टोंस बुधवार को ही खतरे के निशान के ऊपर बह रही थी। दोनों नदियों में बाढ़ को लेकर प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।
नदी तटीय इलाकों के लोग चिंतित
इन पहाड़ी नदियों के उफनाने से गंगा और यमुना का भी जलस्तर बढ़ रहा है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। अलबत्ता गंगा-यमुना का पानी अब धीमी गति से बढ़ रहा है। एनडीआरएफ और पीएसी बाढ़ राहत दल की टीमें गश्त कर रही हैं।

खास-खास
- 85.40 मीटर पर बह रही टोंस नदी, पांच वर्ष पहले 85.01 मीटर पर पहुंचा था इस नदी का पानी
- 103 मीटर पर हो गया बेलन नदी का जल स्तर, 102 मीटर पर है इस नदी का खतरे का निशान
कंट्रोल रूम-0532-2641577, 0532-2641578 (आपातकालीन सहायता-112, एंबुलेंस-108, फायर-101)

टोंस मचा रही तबाही
मध्य प्रदेश के रीवा स्थित बाणसागर बांध के ओवरफ्लो हो जाने पर उसके सभी गेट खोल दिए गए हैं, जिससे टोंस नदी प्रयागराज में तबाही मचाने लगी है। तीन सितंबर को पांच वर्षों बाद टोंस नदी खतरे का निशान पार कर गईं थीं। यह नदी लाल निशान के डेढ़ मीटर ऊपर बहने लगीं।। मेजा के कोहड़ार घाट में बुधवार सुबह टोंस का जल स्तर 84.18 मीटर था तो गुरुवार को 85.48 मीटर पहुंच गया। मतलब, खतरे के निशान 84 मीटर से 1.48 मीटर ऊपर जलस्तर चला गया।

गंगा-यमुना का पानी शहर में चढ़ने लगा
बेलन का खतरे का निशान 102 मीटर है, जिसका गुरुवार सुबह जलस्तर 102.80 मीटर हो गया। यह नदी भी लाल निशान पार गई। मीरजापुर स्थित सिरसी, अदवा व मेजा डैम के सभी गेट खोले गए हैं, जिसका पानी बेलन नदी में आ रहा है। टोंस व बेलन नदियों के उफनाने से करछना के पनासा गांव के पास गंगा के प्रवाह को प्रभावित कर दिया है। इससे गंगा और यमुना का पानी शहर में चढ़ने लगा है।

सतर्कता बरतने के निर्देश
जिला प्रशासन की ओर से टोंस व बेलन के उफनाने से करछना, मेजा, कोरांव व बारा में अलर्ट घोषित है। वहीं शहर के निचले इलाकों में गंगा-यमुना में बाढ़ की संभावना को लेकर सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
गंगा, यमुना व अन्य नदियों का जलस्तर
- गंगा का फाफामऊ में- 82.97 मीटर
- यमुना का नैनी में- 82.56 मीटर
- गंगा का छतनाग में- 82.18 मीटर
- बेलन का नदौरा में- 103.01 मीटर
- टोंस का कोहड़ार में- 85.40 मीटर
- टोंस का खतरे का निशान- 84.00 मीटर
- गंगा-यमुना का खतरे का निशान- 84.73 मीटर
82 गांव बाढ़ के पानी से घिरे
टोंस व बेलन से यमुनापार के मेजा, कोरांव, करछना और बारा के 82 गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। उत्तर प्रदेश व मध्य प्रदेश के 47 गांवों का संपर्क कट गया है। अफसर बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में पहुंचे हैं। गंगा का जल स्तर गुरुवार रात 82.97 मीटर तो यमुना का 82.56 मीटर पर रहा। मध्य प्रदेश की केन नदी उफान पर हैं, जिसका पानी यमुना में आ रहा है। बेतवा, मंदाकिनी और चंबल नदियों का भी पानी यमुना में आ रहा है।
गंगा का पानी इन इलाकों में घुसा
वहीं गंगा में कानपुर और हरिद्वार बैराजों से तथा नरौरा बांध से पानी छोड़ा जा रहा है।शहर में गंगा किनारे के मोहल्लों नेवादा, गंगानगर, राजापुर, डाही, दारागंज, छोटा बघाड़ा, चिल्ला, शंकरघाट, बेली, राजापुर में घुसने लगा है। दो दर्जन से ज्यादा गलियां जलमग्न हो गई हैं तो सैकड़ों घरों में पानी घुस गया है। गलियों में नावों का संचालन किया जा रहा है।
बाढ़ राहत शिविर में देरी से नाश्ता मिलने पर नाराजगी
राजापुर स्थित ऋषिकुल स्कूल में संचालित बाढ़ राहत शिविर में गुरुवार सुबह नाश्ता देरी से मिलने से शरणार्थियों ने नाराजगी जताई। वहीं बुधवार को दिन के साथ रात का भी भोजन देर से मिला था। बच्चों को दूध भी नहीं दिया गया था। राहत शिविर में बदबू के चलते लोगों का सांस लेना मुहाल हो गया है। मच्छरों ने दिन का चैन व रात की नींद हराम कर दी है। एडीएम सिटी सत्यम कुमार मिश्र व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह तथा एसडीएम सदर अंकित वर्मा ने राहत शिविर का निरीक्षण किया।
