प्रयागराज लेटे हनुमान मंदिर कॉरिडोर: मंडलायुक्त ने गुणवत्ता पर जोर दिया, कहा- नक्काशी अच्छी तो ही ठेकेदार को होगा भुगतान
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने प्रयागराज में लेटे हनुमान मंदिर कॉरिडोर के विकास कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने पिलरों पर ...और पढ़ें

प्रयागराज में संगम क्षेत्र में बांध स्थित लेटे हनुमान मंदिर कॉरिडोर के निर्माण कार्य का निरीक्षण करते मंडलायुक्त व अन्य अधिकारी। सौ. सूचना विभाग
HighLights
मंडलायुक्त ने बांध स्थित हनुमान मंदिर कॉरिडोर के विकास कार्यों का निरीक्षण किया
कॉरिडोर के पिलर्स पर हो रहे नक्काशी कार्य में गुणवत्ता व फिनिशिंग में कमी दिखी
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। संगम क्षेत्र में बांध स्थित लेटे हनुमान मंदिर का अलग महत्व है। प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में स्थानीय से लेकर बाहर से आने वाले लोग दर्शन-पूजन करते हैं। इन दिनों मंदिर कॉरिडोर का विकास कार्य जोरों पर है।
पीडीए उपाध्यक्ष संग मंडलायुक्त ने किया निरीक्षण
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. ने बुधवार को प्रयागराज विकास प्राधिकरण (पीडीए) द्वारा कराए जा रहे कॉरिडोर के विकास कार्यों का पीडीए उपाध्यक्ष एवं संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पूरे कॉरिडोर के मैप एवं डिजाइन का अवलोकन करते हुए विभिन्न कार्यों की बिंदुवार जानकारी ली तथा उनकी प्रगति की समीक्षा की।
संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई
मंडलायुक्त ने कॉरिडोर में रेड सैंडस्टोन से बनाए जा रहे पिलरों एवं संबंधित कार्यों का निरीक्षण किया। पिलर्स पर कराई जा रही नक्काशी में अपेक्षित गुणवत्ता एवं फिनिशिंग न पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाते हुए कार्य में आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि नक्काशी कार्य में निर्धारित गुणवत्ता एवं पूर्ण फिनिशिंग सुनिश्चित होने के बाद ही संबंधित कार्य का भुगतान किया जाए।
...ताकि श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को असुविधा न हो
उन्होंने कॉरिडोर क्षेत्र में प्रत्येक वर्ष संभावित जलभराव को दृष्टिगत रखते हुए जल निकासी सहित सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं एवं यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्री निवास के विस्तार के लिए कराए जा रहे कार्यों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने इसके पैराफिट को कॉरिडोर के अन्य हिस्सों में बनाए गए पैराफिट के अनुरूप रखने के निर्देश दिए, ताकि पूरे कॉरिडोर में एकरूपता बनी रहे।
