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    प्रयागराज के MLN मेडिकल कॉलेज में कूल्हा प्रत्यारोपण की सुविधा, डॉक्टरों ने नई तकनीक से मरीज को दिया नया जीवन

    By Amerdeep Bhatt Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Tue, 26 May 2026 03:10 PM (IST)

    प्रयागराज के एमएलएन मेडिकल कॉलेज में युवक का सफल कूल्हा प्रत्यारोपण हुआ। अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच तकनीक से कम दर्द और तेजी ...और पढ़ें

    कूल्हा प्रत्यारोपण के बाद प्रयागराज के MLN मेडिकल कॉलेज में भर्ती युवक। जागरण

    कूल्हा प्रत्यारोपण के बाद प्रयागराज के MLN मेडिकल कॉलेज में भर्ती युवक। जागरण

    HighLights

    1. युवक के क्षतिग्रस्त कूल्हे का डॉक्टरों ने सफल प्रत्यारोपण किया

    2. नई तकनीक से मरीज को दर्द कम व रिकवरी तेजी से होती है

    जागरण संवाददाता, प्रयागराज। कूल्हा अगर टूट जाए तो व्यक्ति का जीवन बेहद कष्टकारी हो जाता है। आर्थिक रूप से कमजोरी मनोबल भी तोड़ देती है। पीड़ित करे तो क्या, उसे कोई रास्ता नहीं सूझता। मोतीलाल नेहरू (MLN) मेडिकल कॉलेज के हड्डी रोग विभाग के डॉक्टरों ने ऐसे पीड़ितों के लिए उम्मीद के बड़े द्वार खोल दिए हैं।

    22 वर्षीय रमेश निषाद के कूल्हे का सफल प्रत्यारोपण 

    22 वर्षीय युवक रमेश निषाद का टोटल हिप रिप्लेसमेंट (टीएचआर) कर दिया है। इसे अत्याधुनिक मिनिमली इनवेसिव डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच (डीएए) तकनीक से किया गया। इसमें मरीज को कम दर्द होता है और रिकवरी तेजी से होती है।

    मरीज की गंभीर स्थिति थी 

    हड्डी विभाग के सर्जन डॉ. आनंद कुमार ने बताया कि रमेश निषाद के बाएं कूल्हे में पोस्ट-ट्रॉमेटिक अवैस्कुलर नेक्रोसिस हो गया था। इसे चौथे स्टेज का ऑस्टियो आर्थराइटिस कहते हैं। गंभीर स्थिति के कारण रमेश के चलने और सामान्य जीवन पर प्रभाव पड़ रहा था। बताया कि आपरेशन के दौरान अनसीमेंटेड सिरेमिक-ऑन-पॉली प्रोस्थेसिस का उपयोग किया गया।

    मांसपेशियों को बिना काटे ऑपरेशन सफल 

    बताया कि डायरेक्ट एंटीरियर अप्रोच तकनीक अपनाई गई। इसमें मांसपेशियों को काटे बिना उनके प्राकृतिक स्वरूप से कोई छेड़छाड़ नहीं की जाती है। रक्तस्राव न्यूनतम रहता है और मरीज जल्दी सामान्य गतिविधियां शुरू कर सकता है। बताया कि इस तकनीक से कूल्हे के जोड़ के खिसकने का जोखिम भी कम होता है। सर्जरी करने वाली टीम में डा. रंजीत, एनेस्थीसिया टीम में डा. अनिल सिंह एवं डा. खुशबू का योगदान रहा।

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    मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के माध्यम से गरीबों को सुविधा

    मेडिकल कॉलेज के ऑर्थोपेडिक्स विभागाध्यक्ष डॉ. विक्रम निगम ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को आधुनिक एवं महंगी शल्य चिकित्सा सुविधाएं निश्शुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। रमेश निषाद का आपरेशन इसका उदाहरण है।

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