यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मुंबई जनसाधारण एक्सप्रेस पर हंडिया स्टेशन पर पथराव, खिड़कियां टूटी, वीडियो वायरल
प्रयागराज के हंडिया खास रेलवे स्टेशन पर रक्सौल से मुंबई जा रही जनसाधारण एक्सप्रेस में यात्रियों ने जमकर हंगामा किया। ...और पढ़ें

HighLights
- जनसाधारण एक्सप्रेस में यात्रियों का हंगामा |
- पथराव से टूटे जनरल कोच के शीशे |
- रेलवे प्रशासन ने शुरू की जांच |
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। रक्सौल से मुंबई जा रही साप्ताहिक जनसाधारण एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 15267, अंत्योदय एक्सप्रेस) में रविवार सुबह हंडिया खास रेलवे स्टेशन पर भीड़ ने जमकर हंगामा किया। ट्रेन पर कथित पथराव हुआ, जिससे जनरल कोच की खिड़की के कांच टूट गए।
इस घटना का पांच सेकेंड का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है, जिसमें जनरल कोच की टूटी खिड़कियां और बिखरे कांच के टुकड़े साफ दिखाई दे रहे हैं। यात्री अहमद रजा ने एक्स पर रेलमंत्री, डीआरएम वाराणसी, और अन्य रेलवे अधिकारियों को टैग कर शिकायत दर्ज की, जिससे मामला सुर्खियों में आ गया।
जानकारी के मुताबिक, हर रविवार सुबह हंडिया स्टेशन पर इस ट्रेन में चढ़ने के लिए सैकड़ों यात्रियों की भीड़ जमा होती है। रविवार सुबह 5:20 बजे ट्रेन के रुकते ही जनरल कोच में सीट पाने के लिए लोग दौड़ पड़े। हालांकि कोच में पहले से ही जगह नहीं थी, और कुछ यात्रियों ने दरवाजे बंद कर दिए, जिससे कई लोग चढ़ नहीं पाए।
नाराज कुछ उपद्रवियों ने ट्रेन पर पत्थर फेंके, जिससे जनरल कोच की खिड़कियों के शीशे टूट गए। इस घटना का वीडियो एक यात्री ने बनाकर इंटरनेट मीडिया पर डाला, जिसने रेलवे प्रशासन में खलबली मचा दी।
हंडिया पुलिस को पथराव और आगजनी की सूचना मिली, जिसके बाद इंस्पेक्टर नितेंद्र कुमार शुक्ला पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि जांच में पथराव या आगजनी की पुष्टि नहीं हुई, लेकिन धक्का-मुक्की, हंगामा हुआ था।
स्टेशन मास्टर राजमणि ने बताया कि केवल भीड़ के कारण धक्का-मुक्की हुई थी, और पथराव या आगजनी जैसी कोई घटना नहीं घटी।
पूर्वोत्तर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अशोक कुमार ने कहा कि रामबाग जीआरपी और आरपीएफ ने जांच की, लेकिन पथराव का कोई ठोस सबूत नहीं मिला। ट्रेन के गार्ड या कर्मचारियों ने भी कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं की। वहीं, प्रसारित वीडियो के आधार पर आरपीएफ-जीआरपी ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन अभी तक कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है।
