फर्जी डिग्री के मामले में प्रयागराज पुलिस ने दो और युवकों को किया गिरफ्तार, यूपी बोर्ड की फर्जी वेबसाइट बनाने का मामला
प्रयागराज पुलिस ने फर्जी डिग्री मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनका संबंध यूपी बोर्ड की फर्जी वेबसाइट बनाने से है। पुलिस ने उनके कब्जे से ...और पढ़ें

प्रयागराज पुलिस ने फर्जी डिग्री रैकेट मामले में दो और लोगों को गिरफ्तार किया है।
HighLights
फर्जी डिग्री, मार्कशीट बरामद, कई अन्य की तलाश
पश्चिमी यूपी के दोनों युवक का गैंग से कनेक्शन
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की कूटरचित वेबसाइट बनाने और फर्जी डिग्री, मार्कशीट, माइग्रेशन बेचने वाले गिरोह से जुड़े दो और युवकों को पुलिस ने दबोच लिया है। उनके कब्जे से भी बड़ी संख्या में फर्जी डिग्री व इलेक्ट्रानिक सामान बरामद किए गए हैं। इसके साथ ही आरोपितों के बयान पर कई अन्य की तलाश की जा रही है।
पकड़े गए दोनों युवक पश्चिमी यूपी के रहने वाले हैं। एजूकेशन सेंटर से भी उनके कनेक्शन बताए जा रहे हैं। फिलहाल दोनों से विस्तृत पूछताछ करते हुए नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
साइबर क्राइम थाने में बीते साल यूपी बोर्ड की ओर कूटरचित वेबसाइट बनाकर विद्यार्थियों और अभिभावकों से साइबर ठगी की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज कराया गया था। मामले में पुलिस ने आजमगढ़ निवासी काल सेंटर संचालक शशि प्रकाश राय, उसके रिश्तेदार मनीष राय को गिरफ्तार करते हुए फर्जी डिग्री, मार्कशीट बेचने वाले गिरोह को भंडाफोड़ किया था।
जांच को आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने यूपी बोर्ड की फर्जी वेबसाइट बनाने वाले गाजियाबाद के सत्येंद्र बर्नवाल, उसके सहयोगी लखनऊ के मोनू गुप्ता को भी गिरफ्तार किया। उसके बाद आजमगढ़ के ही फार्मेसी सेंटर संचालक मंगेश को पकड़ा गया। बताया गया है कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे गिरोह में शामिल नए लोगों के नाम सामने आ रहे हैं।
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गिरोह के सरगना शशि प्रकाश राय के साथ मिलकर काम करने वाले पश्चिमी यूपी के दो युवकों को रविवार को दबोच लिया गया। उनके कब्जे से फर्जी डिग्री सहित अन्य उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पकड़े गए युवकों से पूछताछ करते हुए गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।