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प्रयागराज में लगभग बन चुके सिक्स लेन पुल की खूबियां: आधुनिक तकनीक का बेजोड़ नजारा, तकनीक ऐसी कि खराबी पर तुरंत पता चलेगा

By Birendra Dwivedi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 05 Nov 2026 12:30 PM (IST)

प्रयागराज में गंगा पर बन रहे सिक्स लेन पुल की मजबूती और सुरक्षा के लिए सेंसर आधारित आधुनिक बीएचएमएस प्रणाली ...और पढ़ें

प्रयागराज में नवनिर्मित सिक्स लेन गंगा पुल। जागरण आर्काइव

प्रयागराज में नवनिर्मित सिक्स लेन गंगा पुल। जागरण आर्काइव

HighLights

  1. आधुनिक तकनीक से होगा गंगा पर निर्माणाधीन पुल की मजबूती और सुरक्षा

  2. 25 से 30 नवंबर तक पुल की एक लेन पर यातायात शुरू करने का प्रयास

  3. 1,947 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है 9.800 किलोमीटर लंबा पुल

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। बहुप्रतीक्षित गंगा पर निर्माणाधीन सिक्स लेन पुल की मजबूती और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आधुनिक तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। पुल पर सेंसर लगाए गए हैं, जिनकी मदद से पिलर, बेयरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट और रेलिंग की स्थिति पर हर पल नजर रखी जाएगी।

मामूली खराबी होने पर तत्काल जानकारी मिलेगी

ब्रिज हेल्थ मानिटरिंग सिस्टम (बीएचएमएस) के जरिए पुल के किसी भी हिस्से में मामूली खराबी या तकनीकी गड़बड़ी होने पर तत्काल जानकारी मिल सकेगी। इससे आवागमन शुरू होने के बाद भी पुल की सेहत की लगातार निगरानी की जा सकेगी।

25 दिसंबर से दोनों लेन पर आवागमन की तैयारी 

प्रयागराज शहर के स्टेनली रोड स्थित कलश चौराहे से गंगापार में मलाक हरहर तक 1,947 करोड़ रुपये की लागत से 9.800 किलोमीटर लंबे सिक्स लेन पुल का निर्माण कराया जा रहा है। इस पर 25 दिसंबर से पूरी तरह आवागमन शुरू करने की तैयारी है। इससे पहले 25 से 30 नवंबर के बीच पुल की एक लेन पर यातायात शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है।

तत्काल मरम्मत और सुधार के लिए सूचना मिलेगी

पुल की निगरानी के लिए लगाए गए सेंसर अत्याधुनिक बीएचएमएस से जुड़े हैं। इनके माध्यम से पुल के पिलरों, बेयरिंग और एक्सपेंशन ज्वाइंट की स्थिति का आकलन किया जाएगा। साथ ही पुल में लगी सरिया और अन्य संरचनात्मक हिस्सों की मजबूती पर भी नजर रखी जाएगी। किसी हिस्से में असामान्य स्थिति सामने आने पर संबंधित कार्यदायी संस्था को तत्काल मरम्मत और सुधार के लिए सूचना मिलेगी।

मजबूती की लगातार मनीटरिंग होगी

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रोजेक्ट निदेशक मो. नुसरतुल्लाह खान ने बताया कि पुल का निर्माण आधुनिक तकनीक से कराया जा रहा है। बीएचएमएस के जरिए इसकी मजबूती की लगातार मनीटरिंग होती रहेगी। इससे पुल की सुरक्षा और टिकाऊपन सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

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