मां के शव के साथ पांच दिन तक कमरे में रहा बेटा, लाश सड़ने पर उठी दुर्गंध से चला पता, प्रयागराज में दिल दहलाने वाली घटना
प्रयागराज के गंगापार स्थित मऊआइमा इलाके में एक हृदयविदारक घटना सामने आई। एक बुजुर्ग महिला ने आर्थिक तंगी के कारण फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। चौंकाने ...और पढ़ें

प्रयागराज के मऊआइमा में वृद्ध महिला की मौत की जानकारी होने पर जुटी ग्रामीणों की भीड़। जागरण
HighLights
गंगापार के मऊआइमा में आर्थिक तंगी से परेशान बुजुर्ग महिला ने फंदे से लटककर दी जान
स्वयं सहायता समूह से कर्ज लेने के बाद भी नहीं बन सका मकान, पुलिस जांच पड़ताल कर रही
संसू, हरिसेनगंज (प्रयागराज)। जिले के गंगापार में बोड़ीपुर धरौता गांव में एक दिलदहला देने वाली घटना हुई। एक बुजुर्ग महिला ने फंदे से लटककर जान दे दी। जिस कमरे में बुजुर्ग महिला की लाश लटकी थी, वहीं उसका छोटा बेटा रह रहा था। रविवार सुबह जब ग्रामीणों को दुर्गंध महसूस हुई, तब जाकर यह पूरा मामला सामने आया।
मऊआइमा पुलिस ने शव को कमरे से बाहर निकलवाया तो लाश काफी हद तक सड़ चुकी थी। पुलिस ने मृतका के छोटे बेटे से बातचीत करने की कोशिश की तो वह शांत खड़ा था। ग्रामीणों की मानें तो वह मानसिक रूप से कमजोर है। साथ ही वृद्धा ने आर्थिक तंगी से परेशान होकर खुदकुशी की है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।
मऊआइमा थानांतर्गत बौड़ीपुर धरौता गांव निवासी नंदलाल के दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। करीब 20 वर्ष पहले नंदलाल घर से निकले तो वापस नहीं लौटे। आज तक उनका पता नहीं चल सका है। 65 वर्षीया पत्नी लल्ली देवी ने दोनों पुत्रियों का जैसे-तैसे विवाह किया था। बड़ा पुत्र समर बहादुर पाल दिल्ली में प्राइवेट कंपनी में काम करता है और कभी-कभार ही गांव आता है।
उसकी पत्नी इन दिनों मायके गमरहटा गई हुई है। लल्ली देवी यहां छोटे पुत्र राज बहादुर के साथ रहती थीं। राज बहादुर मानसिक रूप से कमजोर है। रविवार सुबह नंदलाल के घर के आसपास रहने वाले लोगों को दुर्गंध महसूस हुई। वह नंदलाल के घर के बाहर पहुंचे तो दुर्गंध और तेज हो गई। आवाज देने पर कोई घर से बाहर नहीं निकला। ग्रामीणों ने कमरे के भीतर झांका तो हतप्रभ रह गए।
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लल्ली देवी का शव फंदे से लटक रहा था। वहीं जमीन पर राज बहादुर बैठा था। खबर पाकर मऊआइमा पुलिस मौके पर पहुंची। फंदे से शव को उतरवाकर बाहर निकाला गया। लाश की हालत देखकर आशंका जताई गई कि पांच दिन पहले ही लल्ली देवी ने खुदकुशी कर ली थी। पुलिस ने ग्रामीणों से बातचीत की।
पूर्व प्रधान भगेलू सरोज ने बताया कि लल्ली देवी बहुत ही गरीब थी। बड़ा बेटा स्वयं सहायता समूह से कर्ज लेकर मकान बनवा रहा था। रुपये खत्म होने के बाद मकान का निर्माण रुक गया। समूह वाले आए दिन पैसा वसूली के लिए घर आने लगे, जिससे परेशान होकर समर बहादुर दिल्ली चला गया। यही नहीं, परिवार के पास 15 बिस्वा जमीन है, जो भी लंबे समय से गिरवी है।
ग्राम प्रधान संतोष चौधरी ने बताया कि घर में राशन आदि था। हालांकि, वह आर्थिक रूप से बेहद कमजोर थी। थाना प्रभारी पंकज अवस्थी का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया है। छोटा बेटा मानसिक रूप से कमजोर है। मामले की जांच की जा रही है। तहसीलदार सोरांव बृजेश कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। जांच करवाकर जो भी आर्थिक मदद होगी, उसे मुहैया कराया जाएगा।