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प्रयागराज में सनसनीखेज वारदात : दिव्यांग दंपती समेत तीन की नृशंस हत्या, आपसी लड़ाई में चौथा कौन था शामिल?

By tara chand Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Tue, 04 Aug 2026 12:52 PM (IST)Updated: Tue, 04 Aug 2026 04:50 PM (IST)

प्रयागराज के शाहगंज में एक दिव्यांग दंपती समेत तीन लोगों की किराए के कमरे में नृशंस हत्या कर दी गई। ...और पढ़ें

HighLights

  1. प्रयागराज के शाहगंज में दिव्यांग दंपती समेत तीन की हत्या

  2. किराए के कमरे में रक्तरंजित मिले तीनों के शव, जांच जारी

  3. पुलिस आपसी झगड़े और चौथे व्यक्ति की संलिप्तता की आशंका।

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। जिले में एक बार फिर सामूहिक हत्याकांड की घटना से सभी को झकझोर दिया। सोमवार रात शाहगंज थाना क्षेत्र के गढ़ी कला मुहल्ले में दिव्यांग (बोल-सुन नहीं सकते थे) दंपती समेत तीन लोगों की नृशंस हत्या कर दी गई। मंगलवार सुबह घटना का पता चलने पर पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

वारदात में चौथे व्यक्ति के शामिल होने की आशंका 

मरने वालों में दो महिलाएं और एक पुरुष था। सभी कबाड़ बीनकर बेचने का काम करते थे। किसी की पहचान नहीं हो सकी है। उनकी लाश किराए के कमरे में रक्तरंजित मिली। प्रारंभिक छानबीन के आधार पर पुलिस आपसी झगड़े में हत्या किए जाने की आशंका जता रही है। घटना में किसी चौथे व्यक्ति के शामिल होने की भी आशंका है। सीसीटीवी फुटेज समेत दूसरे माध्यम से पुलिस घटना की जांच कर रही है। मकान मालकिन के बेटे समेत चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ भी की जा रही है।

गढ़ी कला में किराएदार थे दिव्यांग दंपती

शाहगंज थाना क्षेत्र के गढ़ी कला मुहल्ले में सुशीला देवी का तीन मंजिला मकान भूतल पर वह अपने आटो चालक बेटे पंकज के साथ रहती है। सुशीला के पति को पहले ही निधन हो चुका है। मकान के प्रथम तल पर 35 वर्षीय दिव्यांग युवक अपनी 34 वर्षीय दिव्यांग पत्नी के साथ रहता था। वह अलग-अलग स्थान से कूड़ा बीनने और बेचने का काम करता था। उसने सुशीला से दो हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर एक कमरा लिया था।

वजनदार वस्तु से हमला कर हत्या की गई 

दिव्यांग दंपती के कमरे में करीब 45 वर्षीय एक महिला भी आया-जाता करती थी। तीन जुलाई की रात तीनों किराए वाले कमरे में थे। इसी बीच उनकी गैस सिलेंडर या किसी दूसरे वजनदार वस्तु से हमला करके मौत के घाट उतार दिया गया। मंगलवार सुबह करीब छह बजे सुशीला कमरे पर पहुंची तो खून से लथपथ तीनों की लाश देख हतप्रभ रह गए। वह चिल्लाते हुए नीचे भागी और फिर मुहल्ले के लोगों को बताया। घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी कोतवाली रवि गुप्ता, थाना प्रभारी शाहगंज वैभव सिंह समेत कई थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। छानबीन और पूछताछ की, लेकिन मृतकों की शिनाख्त नहीं हो सकी।

रात 11 बजे सो गई थी मकान मालकिन

सुशीला देवी का कहना है कि वह सोमवार रात 11 बजे तक जाग रही थी, लेकिन उसके बाद सो गई। मकान की सीढ़ी पर दरवाजा नहीं लगा था। सुबह जब छह बजे उठी तो गूंगा दिखाई नहीं दिया। वह रोजाना पांच बजे तक कूड़ा बीनने के लिए जाता था। करीब छह माह पहले दिव्यांग दंपती उनके यहां रहने आए थे। कोई आधार कार्ड नहीं था। बेटा पंकज भी रात को घर पर सो रहा था, लेकिन सुबह पुलिस उसे पकड़ ले गई। दिव्यांग युवक के पास एक मोटी महिला भी आया करती थी। तीन जुलाई की सुबह वह आई थी। अक्सर उनके बीच झगड़ा होता था।

दूसरे किराएदार को भी नहीं लगी भनक

सुशीला के मकान दो और कमरे में तीन किराएदार रहते थे, लेकिन उन्हें घटना की भनक नहीं लगी। एक युवक ने बताया कि रात को सिलेंडर गिरने की आवाज सुनाई दी, लेकिन नींद में होने के कारण उसने ध्यान नहीं दिया। सुशीला ने भी घटना में किसी चौथे व्यक्ति के शामिल होने की आशंका जताई है। बहरहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच करते हुए साक्ष्य संकलित कर रही है।