प्रो. संगीता श्रीवास्तव फिर बनीं इलाहाबाद यूनिवर्सिटी की कुलपति, राष्ट्रपति ने पुर्ननियुक्ति को दी मंजूरी
प्रो. संगीता श्रीवास्तव को इलाहाबाद विश्वविद्यालय की कुलपति के रूप में दूसरे पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया गया है।

इलाहाबाद विश्वविद्यालय कुलपति प्रोफेसर संगीता श्रीवास्तव
HighLights
प्रो. संगीता श्रीवास्तव को दूसरे कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय कुलपति की मंजूरी दी।
वह लगातार दो कार्यकाल पाने वाली पहली महिला कुलपति बनीं।
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इवि) की कुलपति प्रो. संगीता श्रीवास्तव को पांच वर्ष के दूसरे कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति एवं विश्वविद्यालय की विजिटर द्रौपदी मुर्मु ने उनकी पुनर्नियुक्ति को मंजूरी दी है।
भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से 22 सितंबर को इस संबंध में आदेश जारी किया गया। उनका नया कार्यकाल 16 सितंबर से प्रभावी माना गया है। नियुक्ति पांच वर्ष अथवा 70 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगी।
प्रो. संगीता श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पहली महिला कुलपति हैं और अब वह विश्वविद्यालय की पहली ऐसी कुलपति भी बन गई हैं, जिन्हें लगातार दूसरे पांच वर्षीय कार्यकाल के लिए पुनर्नियुक्ति मिली है।
विश्वविद्यालय के नेतृत्व को लेकर पिछले कुछ समय से बनी अनिश्चितता भी इस निर्णय के साथ समाप्त हो गई है। विश्वविद्यालय के 139वें स्थापना दिवस के अवसर पर उनकी पुनर्नियुक्ति की खबर को महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
दूसरे कार्यकाल में प्रो. श्रीवास्तव के सामने विश्वविद्यालय में शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों के विस्तार, राष्ट्रीय स्तर पर संस्थान की प्रतिष्ठा और नई शिक्षा नीति के अनुरूप अकादमिक ढांचे को और मजबूत करने की चुनौती होगी।
पुनर्नियुक्ति के साथ ही प्रो. संगीता श्रीवास्तव इलाहाबाद विश्वविद्यालय में सबसे लंबे समय तक कुलपति पद पर रहने वाली कुलपति भी बन गई हैं। अब उनके सामने पहले कार्यकाल में शुरू किए गए सुधारों और योजनाओं को आगे बढ़ाने के साथ विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक ले जाने की जिम्मेदारी होगी।
