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रेलवे टेक्नीशियन भर्ती परीक्षा 2025: एक पद पर 42 दावेदार, मुंबई और भोपाल में सबसे अधिक कांटे की टक्कर

By Amarish Kumar Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Thu, 03 Sep 2026 12:19 PM (IST)

रेलवे भर्ती बोर्ड ने टेक्नीशियन ग्रेड-1 (सिग्नल) भर्ती परीक्षा 2025 के परिणाम जारी किए हैं, जिसमें 1,092 पदों के लिए ...और पढ़ें

RRB की टेक्नीशियन ग्रेड-1 (सिग्नल) भर्ती परीक्षा 2025 के सीबीटी के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए गए हैं।

RRB की टेक्नीशियन ग्रेड-1 (सिग्नल) भर्ती परीक्षा 2025 के सीबीटी के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए गए हैं।

HighLights

  1. देशभर में विज्ञापित कुल 1,092 पदों पर आयोजित इस परीक्षा में शामिल हुए 6 हजार 138 अभ्यर्थी

  2. देश के पूर्वी व पूर्वोत्तर हिस्सों में प्रयागराज समेत अन्य भर्ती बोर्डों में अभ्यर्थियों की मौजूदगी बेहद कम

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। भारतीय रेलवे में सरकारी नौकरी पाने का सपना देख रहे युवाओं के बीच जारी होड़ और कड़े मुकाबले की स्पष्ट तस्वीर सामने आई है। रेलवे भर्ती बोर्ड (आरआरबी) द्वारा आयोजित टेक्नीशियन ग्रेड-1 (सिग्नल) भर्ती परीक्षा (2025) के कंप्यूटर आधारित टेस्ट (सीबीटी) के आधिकारिक आंकड़े जारी कर दिए गए हैं।

यहां देखें आंकड़े

आंकड़ों के मुताबिक, देशभर में विज्ञापित कुल 1,092 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में 46 हजार 138 अभ्यर्थी शामिल हुए हैं। इसका सीधा मतलब यह है कि राष्ट्रीय स्तर पर हर एक पद के लिए औसतन 42 उम्मीदवार कतार में खड़े हैं। 6, 9, 10, 13 परीक्षा हुई थी जबकि 21 मई को रिजल्ट घोषित किया गया था। 

मुंबई और भोपाल में सबसे कड़ा मुकाबला

परीक्षा में शामिल परीक्षार्थियों की संख्या के मामले में मध्य और पश्चिमी भारत के रेल जोनों का दबदबा साफ नजर आ रहा है। मुंबई जोन इस सूची में शीर्ष पर है, जहां 152 रिक्तियों के सापेक्ष रिकॉर्ड 8,786 अभ्यर्थियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यहां एक सीट पर औसतन 58 उम्मीदवारों के बीच सीधी टक्कर है। वहीं भोपाल भर्ती बोर्ड में मुकाबला और भी ज्यादा कठिन हो गया है। भोपाल में मात्र 79 पदों के लिए 7,886 परीक्षार्थी परीक्षा हॉल तक पहुंचे, जिसके चलते यहां प्रति पद दावेदारों का अनुपात लगभग 100 तक पहुंच गया है।

अन्य प्रदेशों में अभ्यर्थियों की स्थिति 

इसके अलावा चेन्नई जोन में 5,805, चंडीगढ़ में 4,397 और बेंगलुरु में 3,199 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। चंडीगढ़ और चेन्नई जैसे जोनों में भी सीमित रिक्तियों के चलते प्रति पद मुकाबला बेहद कड़ा रहने का अनुमान है। 

पूर्व और पूर्वोत्तर के जोनों में बेहद कम उपस्थिति

इसके ठीक उलट, देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर हिस्सों में स्थित भर्ती बोर्डों में अभ्यर्थियों की मौजूदगी बेहद कम रही। कोलकाता जोन से पूरी परीक्षा में केवल 134 अभ्यर्थी ही शामिल हुए। इसी तरह सिलीगुड़ी में 526, प्रयागराज में 578, मुजफ्फरपुर में 782 और जम्मू-श्रीनगर में महज 700 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। जानकारों का मानना है कि इन क्षेत्रों में कम उपस्थिति के चलते कट-ऑफ अपेक्षाकृत सामान्य रहने की संभावना है, जबकि मुंबई, भोपाल और चंडीगढ़ जैसे जोनों में कट-ऑफ काफी ऊंची जा सकती है। 

ओबीसी और सामान्य वर्ग के युवाओं की सर्वाधिक भागीदारी

वर्गवार आंकड़ों पर नजर डालें तो परीक्षा में सबसे बड़ी हिस्सेदारी अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के अभ्यर्थियों की रही है। कुल 46,138 परीक्षार्थियों में से अकेले 17,112 अभ्यर्थी ओबीसी वर्ग से हैं, जो कुल उपस्थिति का 37 प्रतिशत से भी अधिक हिस्सा है। इसके बाद अनारक्षित (सामान्य) वर्ग से 12,055 अभ्यर्थी परीक्षा में बैठे। वहीं अनुसूचित जाति (एससी) वर्ग से 10,560, अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग से 3,260 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) से 3,151 अभ्यर्थियों ने अपनी किस्मत आजमाई है। इसके साथ ही 417 पूर्व सैनिक और 459 दिव्यांगजन भी इस तकनीकी भर्ती की दौड़ में शामिल हैं। 

दलालों और बिचौलियों से सावधान रहने की हिदायत

आंकड़े सार्वजनिक करने के साथ ही रेलवे भर्ती बोर्ड ने सभी अभ्यर्थियों को कड़े शब्दों में सतर्क किया है। बोर्ड ने साफ कर दिया है कि रेलवे भर्ती की पूरी चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और कंप्यूटरीकृत है। चयन का एकमात्र आधार अभ्यर्थी की योग्यता और परीक्षा में हासिल मेरिट ही होगी। बोर्ड ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे नौकरी लगवाने का झूठा झांसा देने वाले असामाजिक तत्वों, दलालों और बिचौलियों के किसी भी प्रलोभन में न आएं।

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