राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के छात्रों का आक्रोश अब खुलकर सामने आया, प्रयागराज में अनिश्चितकालीन धरना
प्रयागराज में रज्जू भैया विश्वविद्यालय के छात्रों का परीक्षा परिणाम में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए अनिश्चितकालीन धरना दूसरे दिन शुक्रवार को भी जारी है। ...और पढ़ें
HighLights
परिणाम विवाद पर भड़के छात्रों का रज्जू भैया विश्वविद्यालय में अनिश्चितकालीन धरना जारी
स्नातक-परास्नातक पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम में 50 हजार से अधिक छात्रों की बैक या फेल घोषित हैं
जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) राज्य विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों के छात्रों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। परीक्षा परिणामों में भारी संख्या में छात्रों के बैक और फेल होने से नाराज छात्र-छात्राएं विश्वविद्यालय परिसर में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं। गुरुवार से शुरू हुआ यह आंदोलन शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। छात्र प्रशासनिक भवन और मुख्य गेट पर एकत्र होकर विरोध प्रदर्शन करते रहे हैं।
दरअसल विश्वविद्यालय द्वारा एक मार्च को स्नातक और परास्नातक पाठ्यक्रमों के परीक्षा परिणाम घोषित किए गए थे, जिसमें 50 हजार से अधिक छात्रों को बैक या फेल घोषित कर दिया गया। इस अप्रत्याशित परिणाम से छात्रों में भारी असंतोष फैल गया। विरोध के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले की जांच के लिए एक रिव्यू कमेटी का गठन किया लेकिन दो दिन पहले आई रिपोर्ट से भी अधिकांश छात्रों को कोई राहत नहीं मिली।
इससे नाराज छात्रों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया। धरने पर बैठे छात्रों का कहना है कि मूल्यांकन प्रक्रिया में गंभीर त्रुटियां हुई हैं और जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलेगा तथा प्रमोट नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने जमकर नारेबाजी की और प्रशासन के खिलाफ अपनी नाराजगी जताई।
इस आंदोलन में केवल प्रयागराज ही नहीं, बल्कि प्रतापगढ़, कौशांबी, मिर्जापुर, भदोही और फतेहपुर जिलों से भी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए हैं, जिससे आंदोलन का स्वरूप और व्यापक हो गया है। वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अखिलेश कुमार सिंह ने कहा कि जो छात्र अपने परिणाम से संतुष्ट नहीं हैं, वे सूचना के अधिकार के तहत अपनी उत्तर पुस्तिकाओं का अवलोकन कर सकते हैं।
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इसके साथ ही चुनौती मूल्यांकन (चैलेंज इवैल्यूएशन) के लिए आवेदन करने का विकल्प भी उपलब्ध है। इसको लेकर पहले ही दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। फिलहाल, छात्रों और प्रशासन के बीच गतिरोध बना हुआ है। जल्द समाधान नहीं निकला तो यह आंदोलन और उग्र रूप ले सकता है।