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सितंबर में कई खगोलीय घटनाएं, क्या है हार्वेस्ट मून जो 26 को नजर आएगा; 27 को शनि के साथ युगलबंदी करेगा चांद

By Amlendu Tripathi Edited By: Brijesh Srivastava
Published: Sun, 06 Sep 2026 08:11 PM (IST)

सितंबर माह खगोलीय घटनाओं से भरा है, जिसमें 23 सितंबर को शरद विषुव और 26 को हार्वेस्ट मून दिखेगा। इस ...और पढ़ें

हार्वेस्ट मून का सांकेतिक चित्र। सौ. खगोल विज्ञानी

हार्वेस्ट मून का सांकेतिक चित्र। सौ. खगोल विज्ञानी

HighLights

  1. चंद्रमा आठ को बृहस्पति, 12 को बुध और 14 सितंबर को शुक्र के साथ हाेगा

  2. 23 को दिन-रात बराबर होंगे, सूर्य की सीधी किरणें भूमध्य रेखा पर पड़ेंगी

जागरण संवाददाता, प्रयागराज। सितंबर का महीना खगोलीय घटनाओं से भरा है। 23 सितंबर को शरद विषुव है, अर्थात दिन और रात बराबर होंगे। सूर्य की सीधी किरणें भूमध्य रेखा पर पड़ेंगी। यही वजह है कि पृथ्वी पर दिन और रात की अवधि करीब 12-12 घंटे होगी। ऐसी ही स्थिति 21 मार्च को भी बनती है। 26 सितंबर को पूर्णिमा होगी।

क्या है हार्वेस्ट मून?

पूर्णिमा पर पूरे चंद्रमा को पश्चिमी देशों के खगोलविद हार्वेस्ट मून कहते है, क्योंकि शरद ऋतु की शुरुआत (शरद विषुव) के सबसे करीब पड़ने वाली पूर्णिमा होती है। इसे पारंपरिक रूप से ''कार्न मून'' भी कहते हैं। यह चंद्रमा लगातार कई रातों तक सूर्यास्त के ठीक पहले उदय होता है। इस समय किसान मक्के की फसल तैयार करते हैं। उगते समय हार्वेस्ट मून लाल दिख सकता है, क्योंकि चंद्रमा सूरज डूबने के समय उगता है और रिफ्रैक्शन (प्रकाश के मुड़ने) की वजह से उस समय सूरज की लाल रोशनी अधिक पहुंचती है, जिससे उसका रंग लाल नजर आता है।

meteor shower

ग्रहों की चाल समझें 

जवाहर तारामंडल की पूर्व विज्ञानी सुरूर फातिमा के अनुसार इस महीने चंद्रमा आठ सितंबर को बृहस्पति के निकट, 12 को बुध, 14 को शुक्र ग्रह के निकट नजर आएगा और 27 को शनि के साथ युगलबंदी करेगा। सूर्य वर्तमान में सिंह राशि (राशियां तारों का समूह होती हैं) में है। 18 सितंबर को यह कन्या राशि में पहुंच जाएगा। बुध कन्या राशि में है और महीने के पहले सप्ताह में शाम 6:15 बजे अस्त हो रहा है। शुक्र तुला राशि में है रात में 8:30 बजे अस्त हो रहा है जिससे इन्हें देख नहीं पाएंगे।

पूरी रात नजर आएगा शनि ग्रह 

मंगल कर्क राशि में है मध्य रात्रि 2:45 बजे अस्त हो रहा है जबकि सब से बड़ा ग्रह बृहस्पति सिंह राशि में है सूर्योदय के ठीक पहले करीब 3:45 बजे उदय हो रहा है। छल्लों वाला ग्रह शनि मीन राशि में है, इसे ही पूरी रात देख सकते हैं। इन दिनों जो प्रमुख राशियां दिख रही हैं उनमें वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ, मेष शामिल हैं। अन्य प्रमुख तारामंडलों में बूट्स, कोरोना बोरियालिस, सर्पेंस, सिग्नस, लायरा, एक्विला, हरक्यूलिस भी नजर आ रहे हैं। इनके अतिरिक्त ज्येष्ठा, स्वाति, अभिजीत, श्रवण, मेनकालिनन, डेनेब, हमल, मिर्फाक और अलनायर जैसे तारे भी बिना दूरबीन के देखे जा सकते हैं।  

नौ सितंबर को देख सकेंगे इप्साइलन उल्का वर्षा

इसी महीने कई उल्का की बारिश होगी। सबसे पहले मीटीअर और आरिजिड्स उल्का बौछार हो चुकी है। माह के पहले सप्ताह में यह बारिश हुई। इसके बाद नौ सितंबर को इप्साइलन उल्का वर्षा नजर आएगी। ये उल्कापिंड बेहद तेज गति से चलते हैं, जो लगभग 64 किलोमीटर प्रति सेकंड की रफ्तार से पृथ्वी के वायुमंडल में प्रवेश करेंगे। भोर से ठीक पहले इन्हें आसमान साफ रहने पर देख सकेंगे। सितंबर लिन्सिड्स भी इसी महीने नजर आएगा। 13 सितंबर को इसे विशेष रूप से देख सकते हैं। प्रति घंटे तीन से पांच उल्काएं नजर आएंगी। 27 सितंबर को डे टाइम सेक्सटैंटिड्स होगा लेकिन दिन में होने के कारण इसे देखना संभव नहीं है।