Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    इलाहाबाद HC पहुंचे अविमुक्तेश्वरानंद, पॉक्‍सो एक्‍ट में दर्ज मुकदमे के खिलाफ अग्र‍िम जमानत याचिका दायर

    By Suresh pandey Edited By: Brijesh Srivastava
    Updated: Tue, 24 Feb 2026 07:23 PM (IST)

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पॉक्सो एक्ट के तहत झूंसी थाने में दर्ज मुकदमे को इलाहाबाद हाई कोर्ट में चुनौती दी है और अग्रिम जमानत की मांग की है। उनके अ ...और पढ़ें

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की फाइल फोटो।

    स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की फाइल फोटो।

    HighLights

    1. शिष्य मुकुंदानंद गिरि ने भी राहत की मांग की

    2.  अर्जी पर अभी सुनवाई की तिथि तय नहीं

    विधि संवाददाता, जागरण, प्रयागराज। झूंसी थाने में बीएनएस की धारा 351 (3) के अतिरिक्त पाक्सो एक्ट में दर्ज किए गए मुकदमे में नामजद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती तथा उनके शिष्य स्वामी मुकुंदानंद गिरि ने अग्रिम जमानत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट की शरण ली है। उनके वकीलों की तरफ से इस संबंध में सरकार को नोटिस मिल चुका है। अभी यह तय नहीं है कि अग्रिम जमानत के दायर अर्जी पर सुनवाई कब होगी। राज्य सरकार के अलावा वादी आशुतोष ब्रह्मचारी तथा दो अन्य को प्रतिपक्षी के रूप में उल्लेखित किए गए हैं।

    बच्चों से कुकर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज है

    मंगलवार को स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की तरफ से राज्य सरकार को प्रक्रिया के तहत नोटिस दिया गया। इसमें झूंसी थाने में दर्ज केस में अग्रिम जमानत दिए जाने की मांग की गई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद, उनके शिष्य मुकुंदानंद सहित चार अन्य के खिलाफ बीते रविवार को पुलिस ने बच्चों से कुकर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज किया था।

    आशुतोष ब्रह्मचारी ने केस दर्ज कराने को दी थी अर्जी 

    विशेष न्यायाधीश (पाक्सो कोर्ट) ने शनिवार को झूंसी पुलिस को अभियोग पंजीकृत कर विवेचना का आदेश दिया था। वादी आशुतोष ब्रह्मचारी ने जनवरी में मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी थी। इसमें स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुदानंद सहित अन्य के खिलाफ महाकुंभ के दौरान नाबालिग लड़कों से कुकर्म का आरोप लगाया था।

    कोर्ट ने कहा था...

    कोर्ट ने कहा था कि पीड़ित बच्चों के कथन, स्वतंत्र साक्षियों के बयान, पुलिस कमिश्नर की ओर से प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन, संकलित सामग्री के परीक्षण से पता चलता है कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। लैंगिक उत्पीड़न के स्पष्ट आरोप शामिल हैं, जो संज्ञेय अपराध प्रकट करते हैं।

    खबरें और भी

     

    यह भी पढ़ें- बढ़ सकती हैं स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और शिष्यों की मुश्किलें, बच्चों से कुकर्म के आरोप में मुकदमा दर्ज

    यह भी पढ़ें- बच्चों से कुकर्म के आरोप में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज होगा केस, प्रयागराज जिला अदालत की पॉक्सो कोर्ट का आदेश