यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Maha Kumbh 2025: कोई लगवाता ठहाके, कोई देता है नशा मुक्ति का संदेश... महाकुंभ में अजब-गजब बाबाओं का डेरा
महाकुंभ मेले में आए अनोखे बाबा अपनी अनूठी शैलियों से लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। लाफिंग बुद्धा बाबा हंसी के जरिए तनाव दूर करने का संदेश दे रहे हैं तो ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, महाकुंभनगर। महाकुंभ में पहुंचे बाबा अपनी अनूठी शैलियों में संदेश देकर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। ये अनोखे बाबा यह सिद्ध कर रहे हैं कि साधना सिर्फ आध्यात्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक सेवा का भी माध्यम हो सकती है। ठहाकों से तनाव दूर करते हैं 'लाफिंग बुद्धा बाबा' बिहार के नागेश्वर दास, जिन्हें 'लाफिंग बुद्धा बाबा' के नाम से जाना जाता है, महाकुंभ में चर्चा का विषय हैं।
उनका जीवन हंसी को समर्पित है। बचपन से ही ठहाके लगाने की उनकी आदत ने उन्हें अनोखा बना दिया। वह कहते हैं, 'हंसी ही जीवन की असली औषधि है।' बचपन में पिटाई के बाद भी वह रोने के बजाय जोरदार ठहाके लगाते थे। आठ साल की उम्र में घर छोड़ने के बाद उन्होंने आश्रमों में 'हंसी साधना' शुरू की।
बाद में उन्होंने जेलों में जाकर कैदियों को हंसाने का काम किया। इससे कई कैदियों ने अपनी ¨जिंदगी बदल ली। महाकुंभ में बाबा का संदेश साफ है, 'प्रतिदिन 10 मिनट हंसने से न केवल तनाव दूर होता है, बल्कि समाज भी सकारात्मक बनता है।'

नागेश्वर दास उर्फ लाफिंग बुद्धा।
पगड़ी वाले बाबा चलाते हैं नशा मुक्ति का अभियान
राजस्थान से आए बाबा मोहन दास, जिन्हें 'पगड़ी वाले बाबा' के नाम से जाना जाता है, अपने अनोखे अंदाज और सामाजिक संदेश के लिए प्रसिद्ध हैं। उनकी 20 मीटर लंबी पगड़ी न केवल उनकी पहचान है, बल्कि उनके अभियान का प्रतीक भी। बाबा मोहन दास का मानना है कि नशा समाज की सबसे बड़ी बुराई है। वह देश भर में भ्रमण कर सैकड़ों युवाओं को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित कर चुके हैं।
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उनका कहना है, 'नशा सिर्फ शरीर को नहीं, बल्कि परिवार और समाज को भी बर्बाद करता है। अगर युवा जागरूक होंगे तो समाज खुशहाल होगा।'

पगड़ी वाले बाबा मोहन दास। -गिरीश श्रीवास्तव।
डफली के साथ 'बेटी पढ़ाओ' का संदेश
उज्जैन से महाकुंभ मेले में आए निरंजन पाटीदार बाबा अपनी डफली और गीतों के जरिये 'बेटी पढ़ाओ' का अनोखा संदेश दे रहे हैं। उनके दल के सदस्य डफली बजाकर लोगों को महिलाओं की शिक्षा और सशक्तीकरण के महत्व के बारे में जागरूक कर रहे हैं।

डफली वाले बाबा निरंजन पाटीदार। -गिरीश श्रीवास्तव
निरंजन बाबा का कहना है, ''आज भारत की बेटियां पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन कर रही हैं। अगर उन्हें सही शिक्षा और अवसर मिलें तो समाज और भी प्रगतिशील होगा।'' उनके गीत और संदेश मेले में आए लोगों के दिलों को छू रहे हैं।