यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
आतंकी लजर मसीह केस में नया मोड़, माफिया अतीक के ठिकानों पर पुलिस की नजर, क्या है कनेक्शन?
खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह की गिरफ्तारी के बाद पुलिस और खुफिया एजेंसियां उसकी गतिविधियों की जांच में जुटी हैं। जांच के दौरान यह पता चला है कि लजर मसीह ...और पढ़ें

HighLights
- जिले के कई गांवों में अतीक का सक्रिय था नेटवर्क
- खास गुर्गे अभी भी रखते हैं अपने पास अवैध असलहे
जागरण संवाददाता, कौशांबी। खालिस्तानी आतंकी लजर मसीह को लेकर पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने तफ्तीश का दायरा बढ़ा दिया है। अब उन स्थानों पर आतंकी के पनाहगारों, सहयोगियों की तलाश शुरू हो गई, जहां-जहां माफिया अतीक का दखल था। खासकर अतीक के ऐसे गुर्गे जो अवैध और विदेशी असलहे रखते हैं, उन सभी को रडार पर ले लिया गया है। उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रख जा रही है। साक्ष्य मिलने पर उन्हें जांच के दायरे में लाकर कठोर कानूनी कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
पुलिस का कहना है कि आतंकी लजर मसीह ने अपने बयान में स्वीकार किया है कि वह पाकिस्तान से हथियार मंगवाता था। सीमा पार सक्रिय आतंकी संगठन से जुड़े कुछ लोग ड्रोन के जरिए पंजाब में हथियार गिराते हैं, जिसकी वह तस्करी करता रहा है।
अतीक और आतंकी के बयान में समानता
ऐसा ही बयान माफिया अतीक ने उस वक्त दिया था, जब उमेश पाल हत्याकांड के बाद पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई थी। आतंकी और अतीक के बयान में समानता मिली है। इस आधार पर यह आशंका जताई जा रही है कि माफिया से जुड़े लोग आतंकी की किसी न किसी रूप में मदद कर सकते हैं।
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अगर लजर मसीह ने अतीक से जुड़े किसी शख्स से विदेशी असलहे के बारे में संपर्क साधा होगा तो इसका भी पता लगाया जाएगा। ताकि स्थानीय पनहगार और मददगार को चिन्हित करके शिकंजा कसा जा सके।
सूत्रों का यह भी कहना है कि माफिया अतीक के जिंदा रहने तक जिले के कई गांव में उसका नेटवर्क सक्रिय था। विशेषकर गंगा और यमुना से सटे हुए गांव में उसकी हनक भी चलती थी। तमाम गुर्गे अतीक के लिए काम करते थे और माफिया उनकी हर तरह से मदद करता था। ऐसे में विदेशी असलहों की चाहत रखने वाले शख्स किसी न किसी माध्यम से लजर से संपर्क साधने की कोशिश की होगी।
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अतीक के कई गुर्गों पर हो चुकी है कार्रवाई
उमेश पाल हत्याकांड में वांछित पांच लाख के इनामी साबिर के भाई जाबिर की लाश संदीपनघाट थाना क्षेत्र में मिली थी। लोहरा गांव निवासी सऊद और उसके भाई फैज को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। सरांयअकिल के भकंदा गांव में अतीक के शूटर कवि के घर से असलहों का जखीरा मिला था।
माफिया के गनर रहे एहतेशाम के मकान से भी अवैध हथियार बरामद किया गया था। अतीक के गुर्गे दूसरे स्थानों पर वारदात को अंजाम देने के बाद इन्हीं गांवों में पनाह लेते थे। एक पुलिस अधिकारी का कहना है कि अपराधियों की गतिविधि पर नजर रखते हुए कई बिंदुओं पर छानबीन चल रही है।