फर्जीवाड़े का the end! जमीन रजिस्ट्री में अब गवाहों का आधार सत्यापन अनिवार्य, नया नियम लागू
जमीन रजिस्ट्री में धोखाधड़ी रोकने के लिए गवाहों का आधार सत्यापन अनिवार्य किया गया है। यह नया नियम फर्जी गवाहों और बेनामी संपत्तियों पर लगाम लगाएगा। बा ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक तस्वीर

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ज्ञानेंद्र सिंह, जागरण प्रयागराज। अभी तक उप निबंधक कार्यालयों में अक्सर गवाहों की पहचान को लेकर संशय रहता था। कई बार विवादित जमीनों में फर्जी गवाह खड़े कर दिए जाते थे। अब गवाहों का आधार सत्यापन अनिवार्य होने से उनकी पहचान डेटाबेस में हमेशा के लिए दर्ज हो जाएगी।
इससे भविष्य में कानूनी विवाद होने पर गवाह अपनी जिम्मेदारी से मुकर नहीं पाएंगे। यह नियम बेनामी संपत्तियों के पंजीकरण को रोकने और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश करने वाले आम जन के हितों की रक्षा करने में सहायक होगा।
प्रयागराज जनपद में एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार व नायब तहसीलदारों के न्यायालयों में 14327 राजस्व मुकदमे लंबित हैं। इन मुकदमों में संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में फर्जीवाड़ा के 2344 वाद लंबित हैं, जिनमें 368 गवाह मुकर चुके हैं। गवाहों के गवाही से मुकरने के चलते इन मुकदमों का निस्तारण होना अब मुश्किल हो रहा है।
इन गवाहों ने राजस्व न्यायालयों में कहा कि वे गवाह ही नहीं थे, उनकी फोटो से लेकर हस्ताक्षर तक गलत हैं। इन मामलों में ज्यादातर भूमाफिया शामिल हैं, जिनमें विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में गवाहों से लेकर अन्य दस्तावेजों तक में फर्जीवाड़ा किया गया है। संपत्तियों की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी और भूमाफिया पर नकेल कसने के लिए शासन ने नया नियम लागू किया है।
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इसके अंतर्गत किसी तरह के विवाद की स्थिति होने पर अब गवाह पर भी कानूनी शिकंजा कसा जा सकेगा। विवादित जमीनों में फर्जी गवाह नहीं खड़े किए जा सकेंगे। क्रेता-विक्रेता और गवाहों का बायोमीट्रिक मशीन से मौके पर ही आधार सत्यापित किया जाएगा। इससे फर्जीवाड़े और बेनामी संपत्तियों पर लगाम लगेगी।
फेस आथेंटिकेशन व ओटीपी का विकल्प उपलब्ध होगा, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और भूमाफिया का खेल भी खत्म होगा। नई व्यवस्था में केवल फिंगर प्रिंट ही नहीं, बल्कि सुरक्षा के अन्य मानकों को भी जोड़ा गया है। यदि किसी बुजुर्ग या शारीरिक श्रम करने वाले व्यक्ति की उंगलियों के निशान घिस जाने के कारण मैच नहीं होते हैं तो उनके लिए फेस अथेंटिकेशन चेहरा पहचान की सुविधा दी गई है।
विशेष परिस्थितियों में आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजकर भी सत्यापन किया जा सकेगा। एआइजी स्टांप प्रयागराज राकेश चंद्र ने बताया कि जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी और भूमाफिया पर नकेल कसने के लिए शासन की ओर से नई व्यवस्था को प्रभावी किया गया है। पारदर्शिता लाने के लिए निबंधन विभाग ने आधार सत्यापन की अनिवार्य व्यवस्था लागू कर दिया है।
मशीन पर अंगूठा लगाते ही दिल्ली में केंद्रीय सर्वर से होगी पहचान
निबंधन विभाग के पोर्टल को यूआईडीएआई के सर्वर से जोड़ दिया गया है। जैसे ही पक्षकार बायोमीट्रिक मशीन पर अंगूठा लगाएंगे, दिल्ली स्थित केंद्रीय सर्वर से तत्काल उनकी पहचान की पुष्टि हो जाएगी। पहचान सही पाए जाने पर ही सॉफ्टवेयर रजिस्ट्री की प्रक्रिया को आगे बढ़ाएगा। अभी तक केवल आधार की फोटोकॉपी से काम चल जाता था, जिससे फर्जी आधार कार्ड के जरिए दूसरे की जमीन बेचने की आशंका बनी रहती थी।