TGT-PGT Recruitment Exam : UP शिक्षा सेवा चयन आयोग ने जारी किया टीजीटी-पीजीटी भर्ती का परीक्षा पाठ्यक्रम
TGT-PGT Recruitment Exam उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीजीटी-पीजीटी भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम जारी कर दिया है, जिसे आयोग की वेबसाइट पर देखा जा सकता ह ...और पढ़ें

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज।
HighLights
वेबसाइट पर उपलब्ध पाठ्यक्रम देख कर प्रतियोगी कर सकते हैं तैयारी
टीजीटी संस्कृत में मेघदूतम व नीति शतक हटा, हितोपदेश संपूर्ण जोड़ा गया
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। TGT-PGT Recruitment Exam उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों की प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) एवं प्रवक्ता संवर्ग (पीजीटी) की भर्ती परीक्षा का पाठ्यक्रम जारी कर दिया है। इसे आयोग की वेबसाइट पर देखा जा सकता है। प्रतियोगी पाठ्यक्रम के अनुरूप परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से शिक्षा सेवा चयन आयोग के पोर्टल पर भेजी गई रिक्तियों (अधियाचन) में मिली कमियां निदेशालय द्वारा ठीक किए जाने के बाद आयोग भर्ती विज्ञापन जारी करेगा।
पोर्टल पर जारी किए पाठ्यक्रम में टीजीटी के विषय संगीत वादन, संगीत गायन, शारीरिक शिक्षा, गृह विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान, कृषि, वाणिज्य, कला, अंग्रेजी, उर्दू, संस्कृत एवं हिंदी विषय शामिल हैं। इसके अलावा पीजीटी के जिन विषयों की परीक्षा का पाठ्यक्रम जारी किया गया है, उसमें शारीरिक शिक्षा, उर्दू, कला, समाजशास्त्र, शिक्षा शास्त्र, नागरिक शास्त्र, वाणिज्य, जीव विज्ञान, संस्कृत, अंग्रेजी, रसायन विज्ञान, भौतिक विज्ञान, गणित, हिंदी, मनोविज्ञान, तर्कशास्त्र, इतिहास, भूगोल, अर्थशास्त्र, सैन्य विज्ञान, संगीत वादन, संगीत गायन, कृषि एवं गृह विज्ञान विषय हैं।
संस्कृत प्रवक्ता के परीक्षा पाठ्यक्रम के संबंध में प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा ने बताया कि वैदिक साहित्य, ऋग्वेद ,अग्नि सूक्त, विष्णु सूक्त, प्रजापति सूक्त, इंद्र सूक्त, यजुर्वेद संहिता में शिव संकल्प सूक्त, कठोपनिषद प्रथम अध्याय एक से तीन तक वैदिक साहित्य का इतिहास रखा गया है। अभिज्ञान शाकुंतलम जहां संपूर्ण था उसका चतुर्थांश ही रखा गया है, वहीं उत्तर रामचरितमानस संपूर्ण था उसमें तृतीय अंक रखा गया है।
TGT-PGT Recruitment Exam टीजीटी संस्कृत के पाठ्यक्रम में मेघदूतम और नीति शतक को हटाकर हितोपदेश संपूर्ण जोड़ा गया है। रघुवंश महाकाव्य द्वितीय सर्ग तथा साहित्य दर्पण का प्रथम परिच्छेद जोड़ा गया है। जारी किए परीक्षा पाठ्यक्रम को उन्होंने अच्छा बताया है।