UPTET 2026 : जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां हैं, वह टीईटी में नहीं कर सकेंगे आवेदन; सिर्फ इस स्थिति में मिलेगा मौका
UPTET 2026 उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (UPTET 2026) के लिए आयोग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। एक से अधिक जीवित पत्नी वाले पुरुष या पहले से विव ...और पढ़ें

UPTET 2026 पात्रता मानदंड और उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए प्रमुख दिशा-निर्देश।
HighLights
इंटरमीडिएट से अधिक नहीं होगी टीईटी में श्रुतलेखक की शैक्षिक योग्यता
किसी भी आरक्षण का लाभ उत्तर प्रदेश के मूल निवासी के लिए ही अनुमन्य
राज्य ब्यूरो, जागरण, प्रयागराज। UPTET 2026 उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लिए आवेदन करने वालों को उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग ने दिशा-निर्देश गंभीरता से पढ़ने की सलाह दी है। कहा है कि गलत सूचना देने पर अभ्यर्थन स्वत: निरस्त हो जाएगा।
ऐसे अभ्यर्थी भी पात्र नहीं समझे जाएंगे
यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे विवाहित पुरुष अभ्यर्थी जिनकी एक से अधिक जीवित पत्नियां हैं अथवा ऐसी महिला अभ्यर्थी जिसने ऐसे पुरुष से विवाह किया है जिसके पहले से एक जीवित पत्नी हैं, वह पात्र नहीं समझे जाएंगे, बशर्ते कि राज्यपाल द्वारा इस प्रतिबंध से मुक्ति प्रदान न कर दी गई हो। इसके अलावा दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए श्रुतलेखक की शैक्षिक योग्यता अधिकतम इंटरमीडिएट निर्धारित की गई है।
सिर्फ ऐसे अक्षम अभ्यर्थियों को श्रुतलेखन की सुविधा
UPTET 2026 आयोग के अनुसार पूर्ण रूप से दृष्टिबाधित एवं शारीरिक रूप से अक्षम ऐसे अभ्यर्थियों को श्रुतलेखक की सुविधा दी जाएगी, जो लिखने में अथवा गोला काला करने में असमर्थ होंगे। इसमें यह शर्त भी है कि श्रुतलेखक को अभ्यर्थी अपने साथ स्वयं लाएंगे।
इन शर्तों को भी जानें
UPTET 2026 श्रुतलेखक साथ लाने के आशय का प्रत्यावेदन परीक्षा तिथि से पूर्व परीक्षा केंद्र के व्यवस्थापक को देकर उनसे उसे बैठाए जाने की अनुमति अभ्यर्थी को प्राप्त करनी होगी। इसमें यह ध्यान रखना होगा कि श्रुतलेखक की शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से अधिक नहीं होनी चाहिए।
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30 मिनट का अतिरिक्त समय मिलेगा
इसके साथ ही ऐसे अभ्यर्थी को 30 मिनट का अतिरिक्त समय प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। श्रुतलेखक की सुविधा चाहने वाले अभ्यर्थियों को दिव्यांगता का प्रमाणपत्र उपलब्ध कराना अनिवार्य है। टीईटी में आवेदन के लिए किसी भी आरक्षण का लाभ उत्तर प्रदेश के मूल निवासी के लिए ही अनुमन्य है।
आजीवन कारावास व एक करोड़ जुर्माना
UPTET 2026 परीक्षा में उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम 2024 लागू होगा, जिसके अंतर्गत आजीवन कारावास और एक एक करोड़ रुपये तक जुर्माने का प्रविधान है।