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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 30, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    एक को संगम में डुबकी लगाने आ रहे उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, 73 देशों के राजनयिक भी बनेंगे Mahakumbh का ह‍िस्‍सा

    Updated: Thu, 30 Jan 2025 03:33 PM (IST)

    एक फरवरी को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने परिवार संग संगम में डुबकी लगाने आ रहे हैं। इसके साथ ही 73 देशों के राजनयिक भी महाकुंभ पहुंच रहे हैं। उन्होंन ...और पढ़ें

    एक को संगम में डुबकी लगाने आ रहे उप राष्ट्रपति।
    एक को संगम में डुबकी लगाने आ रहे उप राष्ट्रपति।

    जागरण संवाददाता, महाकुंभ नगर। प्रयागराज में इन द‍िनों श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी हुई है। देश-वि‍देश के कोने-कोने से लोग संगम में आस्‍था की डुबकी लगाने आ रहे हैं। अभी हाल ही में गृह मंत्री अम‍ित शाह ने महाकुंभ में स्‍नान क‍िया था। अब एक फरवरी को उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ अपने परिवार संग संगम में डुबकी लगाने आ रहे हैं। इसके साथ ही 73 देशों के राजनयिक भी महाकुंभ पहुंच रहे हैं।

    जगदीप धनखड़ ने एक फरवरी को महाकुंभ में शामिल होने का निमंत्रण स्वीकार क‍िया था। उन्होंने कहा था क‍ि मैं अपने परिवार के साथ संगम में डुबकी लगाऊंगा और राष्ट्र की सेवा के लिए खुद को पूरी तरह से समर्पित करने का संकल्प लूंगा। यह मेरे लिए गर्व का पल होगा।

    पांच घंटे मेला क्षेत्र में रहेंगे जगदीप धनखड़

    आपको बता दें क‍ि जगदीप धनखड़ लगभग पांच घंटे मेला क्षेत्र में रहेंगे। सबसे पहले संगम में डुबकी लगाएंगे और फिर त्रिवेणी घाट पर पूजन करेंगे। इसके बाद अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर कॉरिडोर भी जाएंगे। उनके साथ 73 देशों के डेलीगेट्स भी रहेंगे।

    प्‍लेन से आएंगे उप राष्ट्रपति

    उप राष्ट्रपति अलग प्लेन से आएंगे जबकि राजनयिकों के लिए दूसरे प्लेन का प्रबंध किया गया है। राजनयिक बमरौली एयरपोर्ट से संगम आएंगे। महाकुंभ नगर इन द‍िनों संपूर्ण विश्व का आध्यात्मिक केंद्र बन गया है। दुनिया के 73 देशों के राजनयिक संगम में डुबकी लगाएंगे। दुश्मन देश रूस और यूक्रेन के राजदूत भी इस ऐतिहासिक महाआयोजन में शामिल होंगे।

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    महाकुंभ देखने के लिए बेकरार हैं देश-व‍िदेश के लोग

    यहां अमेरिका और बांग्लादेश के भी राजनयिक अमृतकाल के गवाह बनेंगे। इस महाआयोजन के जरिए सात समंदर पार तक यूपी का डंका बज रहा है। इसीलिए धरती के कोने-कोने से लोग महाकुंभ देखने के लिए बेकरार हैं। विदेश से यहां आ रहे श्रद्धालुओं के अनुसार धरती के सबसे बड़े सांस्कृतिक समागम के मुख्य आयोजक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस समय दुनिया के सभी शक्तिशाली देशों की दृष्टि में प्रमुख नायक बन गए हैं।

    अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर का करेंगे दर्शन

    विदेश मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव मनोज कुमार को इसके लिए पत्र भी लिखा है। पत्र में कहा गया है कि दुनियाभर के राजनयिक महाकुंभ नगर में बड़े हनुमानजी और अक्षयवट के दर्शन करना चाहते हैं। यहां से वे अक्षयवट और बड़े हनुमान मंदिर का दर्शन करने जाएंगे।

    महाकुंभ की गहराई को समझेंगे व‍िदेशी डेलीगेट्स

    इसके बाद डिजिटल महाकुंभ अनुभूति केंद्र के माध्यम से आधुनिक तकनीक के जरिए महाकुंभ की गहराई को समझेंगे। प्रदर्शनियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भ्रमण भी करेंगे। जिसमें यूपी स्टेट पवेलियन, अखाड़े, यमुना कॉम्प्लेक्स, अशोक स्तंभ और अन्य स्थलों का अवलोकन करेंगे।

    क‍िया गया है वि‍शेष इंतजाम

    विदेशी राजनयिकों के लिए बमरौली हवाई अड्डे पर विशेष वीआइपी लाउंज में नाश्ते का प्रबंध किया गया है। इसके साथ ही टूर गाइड की व्यवस्था भी की गई है। गृह मंत्रालय के 140 कर्मचारियों के लिए नावों का विशेष इंतजाम किया गया है। इस महाकुंभ के जरिए भारत ने विश्व को एकता, शांति और सहयोग का संदेश दिया है।

    इन देशों के राजनयिक आ रहे महाकुंभ

    जापान, अमेरिका, रूस, यूक्रेन, बांग्लादेश, जर्मनी के साथ ही आर्मेनिया स्लोवेनिया, हंगरी, बेलारूस, सेशल्स, मंगोलिया, कजाकिस्तान, आस्ट्रिया, पेरु, ग्वाटेमाला, मैक्सिको, अल्जीरिया, दक्षिण अफ्रीका, अलसल्वाडोर, चेक रिपब्लिक, बुल्गारिया, जार्डन, जमैका, इरिट्रिया, फिनलैंड, ट्यूनीशिया, फ्रांस, एस्टोनिया, ब्राजील, सूरीनाम, जिंबाब्वे, मलेशिया, माल्टा, भूटान, लेसोथो, स्लोवाक, न्यूजीलैंड, कंबोडिया, किरगिज, चिली, साइप्रस, क्यूबा, नेपाल, रोमानिया, वेनेजुएला, अंगोला, गुयाना, फिजी, कोलंबिया, सीरिया, गिनी, म्यांमार, सोमालिया, इटली, बोत्सवाना, परागुआ, आईसलैंड, लातविया, नीदरलैंड, कैमरून, कनाडा, स्विट्जरलैंड, स्वीडन, थाईलैंड, पोलैंड, बोलिविया।

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