विंध्य एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा गंगा एक्सप्रेस-वे... पूर्वांचल से 8 घंटे में तय होगा दिल्ली का सफर, सर्वे का अटका काम
विंध्य एक्सप्रेस-वे का सर्वे कार्य बाधित होने से भूमि अधिग्रहण रुका हुआ है, क्योंकि अभी तक कोई एजेंसी नहीं मिल पाई है। यह एक्सप्रेस-वे गंगा एक्सप्रेस- ...और पढ़ें
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जागरण संवाददाता, प्रयागराज। प्रदेश के सभी हिस्सों को एक्सप्रेसवे से जोड़ने में विंध्य एक्सप्रेस-वे के सर्वे का कार्य बाधा बन रहा है। विंध्य एक्सप्रेस-वे के लेआउट के लिए होने वाले सर्वे के लिए अभी एजेंसी तक नहीं मिल सकी है। इसके कारण ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया भी अटकी है।
भूमि अधिग्रहण के बाद ही परियोजना का काम शुरू हो सकेगा। इसको लेकर 20 अप्रैल को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में लखनऊ में महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है। मेरठ से प्रयागराज तक बनाए गए गंगा एक्सप्रेस-वे से विंध्य एक्सप्रेसवे को जोड़ने का प्रस्ताव है।
इससे पूरब, पश्चिम व मध्यांचल के साथ ही विंध्य क्षेत्र से भी संपर्क बेहतर हो सकेगा। सोनभद्र और चंदौली के लोग भी आठ से नौ घंटे में दिल्ली-एनसीआर पहुंच सकेंगे। वहीं, प्रयागराज व आसपास के जिलों के लोगों की सोनभद्र तथा मध्य प्रदेश के सिंगरौली, सीधी व झारखंड तथा छत्तीसगढ़ की राह आसान हो सकेगी।
विंध्य एक्सप्रेस-वे प्रयागराज में गंगा एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा और जौनपुर, भदोही, वाराणसी, चंदौली, मीरजापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। राज्य परिवर्तन आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी व पूर्व मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने इन जिलों के जिलाधिकारियों को लेआउट प्लान तैयार कराने और फिर जमीन अधिग्रहण किए जाने की संभावना को लेकर सर्वे कराने के निर्देश दिए थे।
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डीएम मनीष कुमार वर्मा ने इसके लिए एडीएम नजूल संजय कुमार पांडेय, एडीएम नमामि गंगे व भू-अध्याप्ति अधिकारी संजीव शाक्य तथा फूलपुर व सोरांव के एसडीएम की कमेटी गठित कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। कमेटी के अनुसार अभी तक सर्वे के लिए एजेंसी नहीं मिल सकी है, जिसके चलते जनपद में प्रगति रिपोर्ट शून्य दर्शाकर भेजी जा रही है।
रिपोर्ट 20 अप्रैल को होने वाली बैठक में प्रस्तुत की जाएगी। परियोजना के निर्माण की जिम्मेदारी यूपीडा को दी गई है। इसे तीन वर्षों में पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट से संबंधित जनपदों में एडीएम स्तर के अधिकारी ही भू-अध्याप्ति अधिकारी के साथ जमीन अधिग्रहण की योजना बनाएंगे, जिसमें संबंधित तहसीलों के एसडीएम व तहसीलदारों को भी शामिल किया जाएगा।
महीने के तीसरे सोमवार को उच्च स्तरीय प्रगति समीक्षा बैठक
विंध्य एक्सप्रेस-वे को मुख्यमंत्री के प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट में शामिल किया गया है। इस परियोजना को लेकर हर महीने के तीसरे सोमवार को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में स्टेटवाइड मॉनीटरिंग, इवैलुएशन एंड की-प्रोजेक्ट्स सुपरविजन फार हाई लेवल एकाउंटेबिलिटी समीक्षा बैठक होती है, जिसमें हर माह होने वाली प्रगति की समीक्षा के साथ ही अगले माह की कार्ययोजना भी तय की जाती है।
प्रयागराज में अभी यह परियोजना बिल्कुल ही प्राथमिक स्तर पर है। प्रोजेक्ट को लेकर 20 अप्रैल को महत्वपूर्ण बैठक होगी। जनपद में सोरांव अथवा फूलपुर तहसील क्षेत्र से प्रोजेक्ट को शुरू कराए जाने की संभावना है।
मनीष कुमार वर्मा, डीएम प्रयागराज