रायबरेली में एक करोड़ से बदलेगा 200 साल पुरानी रामलीला का स्वरूप, मास्टर प्लान तैयार
डलमऊ के 200 साल पुराने रामलीला मैदान का एक करोड़ से अधिक की लागत से विकास होगा। पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की टीम ने सर्वेक्षण कर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।
HighLights
डलमऊ रामलीला मैदान का एक करोड़ से अधिक से विकास।
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की टीम ने किया सर्वेक्षण।
बाउंड्रीवाल, प्रवेश द्वार, टीनशेड, हॉल का निर्माण प्रस्तावित।
संवाद सूत्र, डलमऊ (रायबरेली)। डलमऊ की रामलीला, जो करीब 200 वर्षों से आस्था और संस्कृति का प्रतीक रही है, अब नए रूप में नजर आएगी। ऐतिहासिक रामलीला मैदान के विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है।
पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की टीम ने मैदान का सर्वेक्षण कर विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की है, जिसमें एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की योजना है।
नगर पंचायत अध्यक्ष पं.बृजेश दत्त गौड़ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर रामलीला मैदान के विकास के लिए पत्र सौंपा था, जिसके बाद विभागीय टीम ने मैदान का निरीक्षण किया। सर्वे के दौरान मैदान की मौजूदा स्थिति और आवश्यक सुविधाओं का जायजा लिया गया।

रामलीला मैदान में दिखेगा नया कलेवर
मैदान के चारों ओर बाउंड्रीवाल के साथ भव्य प्रवेश द्वार का निर्माण किया जाएगा। दर्शकों की सुविधा के लिए टीनशेड और रामलीला मंचन के लिए हॉल का निर्माण प्रस्तावित है।
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विकास कार्यों के पूरा होने के बाद, ऐतिहासिक रामलीला मैदान धार्मिक आयोजनों और सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए एक बेहतर केंद्र के रूप में विकसित होगा।
