रायबरेली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर बनेगा ब्लास्ट लेस ट्रैक, गुजरती हैं तेज रफ्तार वाली ट्रेनें
रायबरेली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर दो पर यात्रियों की सुविधा और ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए लगभग 600 मीटर लंबा ब्लास्ट लेस ट्रैक और सीमेंट ...और पढ़ें

पांच करोड़ से प्लेटफॉर्म नंबर दो पर बनेगा ब्लास्ट लेस ट्रैक।
HighLights
प्लेटफॉर्म 2 पर 600 मीटर ब्लास्ट लेस ट्रैक बनेगा।
परियोजना पर लगभग पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यात्रियों को आरामदायक सफर और बेहतर सुविधा मिलेगी।
जागरण संवाददाता, रायबरेली। रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने और ट्रेनों के संचालन को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए प्लेटफॉर्म नंबर दो पर बड़े निर्माण कार्य की तैयारी शुरू कर दी गई है। रेलवे प्रशासन द्वारा यहां लगभग 600 मीटर लंबाई में ब्लास्ट लेस ट्रैक तथा सीमेंटेड नाली निर्माण कराया जाएगा। इस परियोजना पर करीब पांच करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
स्टेशन पर कुल पांच प्लेटफॉर्म हैं। इसमें जिले से होकर चलने वाली वंदे भारत एक्सप्रेस समेत 35 जोड़ी ट्रेनों का आवागमन अधिकांश प्लेटफॉर्म नंबर एक व दो से ही होता है।
प्लेटफॉर्म नंबर एक पर पहले से ब्लास्ट लेस ट्रैक बनाया गया और प्लेटफॉर्म नंबर दो पर लखनऊ की ओर से आने वाली अधिकांश ट्रेनों में वंदे भारत एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनों का आवागमन रहता है। ऐसे में पुराने ट्रैक सिस्टम को आधुनिक तकनीक से तैयार किए जाने की योजना बनाई गई है।
सहायक मंडल अभियंता आइ के सिंह का कहना है कि ब्लास्ट लेस ट्रैक बनने से ट्रैक पर गंदगी नहीं रहेगा। इसके साथ गंदगी न रहने से यात्री संक्रमण बीमारी की चपेट में नहीं आएंगे और पहले की अपेक्ष ट्रैक मरम्मत कम करना पड़ेगा।
जिन्होंने बताया कि प्लेटफॉर्म नंबर दो पर 600 मीटर ब्लास्ट लेस ट्रैक व नाली निर्माण का कार्य तकरीबन पांच करोड़ रुपये की लागत से बनाया जाएगा। इस कार्य को लेकर कार्य के लिए विभागीय प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। अगले माह में शुरु करा दिया जाएगा।
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क्या मिलेगी राहत
ब्लास्ट लेस ट्रैक (बिना गिट्टी के ट्रैक) बनने से ट्रैक की मजबूती बढ़ेगी और रखरखाव में भी आसानी होगी। इसके साथ ही ट्रेनों के संचालन में झटके कम महसूस होंगे, जिससे यात्रियों को अधिक आरामदायक सफर मिल सकेगा। प्लेटफॉर्म क्षेत्र में जल निकासी व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जाएगा। इसके लिए सीमेंटेड नालियों का निर्माण कराया जाएगा ताकि बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या न हो।