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    आजम खां को बड़ा झटका! शत्रु संपत्ति मामले में जमानत अर्जी खारिज; लगीं आजीवन कारावास तक की धाराएं, बढ़ेंगी मुश्किलें

    Updated: Thu, 23 Apr 2026 09:15 PM (IST)

    शत्रु संपत्ति मामले में आजम खां की जमानत अर्जी एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने खारिज कर दी है। मुकदमे में अग्रिम विवेचना के बाद जोड़ी गईं तीन नई धाराओं में ...और पढ़ें

    आजम खां

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    HighLights

    1. मुकदमे में अग्रिम विवेचना के बाद तीन धाराएं बढ़ाते हुए पुलिस ने दाखिल की थी सप्लीमेंटरी चार्जशीट

    जागरण संवाददाता, रामपुर। शत्रु संपत्ति के मुकदमे में तीन धाराएं बढ़ाने के मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खां को झटका लगा है। एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी को खारिज कर दिया है। शत्रु संपत्ति के जिस मुकदमे में पुलिस ने अग्रिम विवेचना के बाद तीन धाराएं बढ़ाई थीं, वह मुकदमा कलक्ट्रेट के रिकार्ड रूम के सहायक अभिलेखपाल मोहम्मद फरीद की ओर से सिविल लाइंस थाने में नौ मई 2020 को दर्ज कराया गया था।

    इसमें पहले लखनऊ के पीरपुर हाउस निवासी सैयद आफाक अहमद व अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी हुई थी। यह शत्रु संपत्ति आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी के आसपास थी, जो इमामुद्दीन कुरैशी पुत्र बदरुद्दीन कुरैशी के नाम दर्ज थी। इमामुद्दीन कुरैशी विभाजन के समय देश छोड़कर पाकिस्तान चले गए थे।

    वर्ष 2006 में यह संपत्ति शत्रु संपत्ति के रूप में राजस्व अभिलेखों में दर्ज कर ली गई थी। भूमि के रिकार्ड की जांच करने पर पता चला था कि राजस्व विभाग के रिकार्ड में फर्जीवाड़ा कर शत्रु संपत्ति को खुर्द बुर्द करने के लिए आफाक अहमद का नाम गलत तरीके से राजस्व रिकार्ड में अंकित किया गया था।

    रिकार्ड के पन्ने फटे हुए मिले थे। इसमें आजम खान, उनकी पत्नी पूर्व सांसद डा. तजीन फात्मा और उनके बेटे अब्दुल्ला समेत जौहर ट्रस्ट के अन्य सदस्य आरोपित बनाए गए। ट्रस्ट में अधिकतर सदस्य आजम खान के परिवार के हैं। इस मुकदमे में सेवानिवृत्त कलक्ट्रेट कर्मचारी भगवंत भी आरोपित हैं, जो सरकारी गवाह बन चुके हैं।

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    उनके बयान के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में अग्रिम विवेचना की थी, जिसके बाद आजम खान पर मुकदमे में आइपीसी की तीन धाराएं 467, 471 और 201 बढ़ाते हुए पूरक आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इन बढ़ी हुई धाराओं में जमानत कराने के लिए आजम खां ने एमपी एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) शोभित बंसल के न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की थी।

    उनकी जमानत अर्जी पर अभियोजन ने आपत्ति दाखिल की थी। सहायक अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा ने बताया कि गुरुवार को सुनवाई के बाद न्यायालय ने आजम खां की जमानत अर्जी खारिज कर दी है।

    उधर, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता संदीप कुमार सक्सेना ने बताया कि आजम खां पर लगी तीनों धाराएं धोखाधड़ी के इरादे से जाली दस्तावेज तैयार करने व साक्ष्य मिटाने से संबंधित हैं। इनके तहत आजीवन कारावास तक की सजा का प्रविधान है।

    शत्रु संपत्ति के तीन मामलों को एक करने की अर्जी पर भी बहस पूरी, दो को फैसला

    शत्रु संपत्ति के तीन अलग-अलग मामलों की एक साथ सुनवाई करने के मामले में सपा नेता आजम खां की अर्जी पर गुरुवार को बहस पूरी हो गई है। आजम खां की ओर से दाखिल अर्जी पर अभियोजन ने आपत्ति दाखिल की थी।

    सहायक अभियोजन अधिकारी स्वदेश शर्मा का कहना है कि तीनों मुकदमे अलग-अलग हैं। इनकी सुनवाई भी अलग-अलग होनी चाहिए। अर्जी पर दोनों पक्षों की बहस पूरी होने पर न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। दो मई को फैसला सुनाया जाएगा।

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