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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 14, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    रामपुर में बोलती थी आजम खान की तूती, आज वहां दर्ज हैं 84 मुकदमें, 10 बार विधानसभा और एक बार जीता लोकसभा चुनाव

    By Jagran NewsEdited By: Abhishek Pandey
    Updated: Thu, 14 Sep 2023 04:08 PM (IST)

    Azam Khan News समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से ही सियासी संकट में घिरते चले गए। सवा दो साल जेल में बिताने के ...और पढ़ें

    रामपुर में बोलती थी आजम खान की तूती आज वहां दर्ज हैं 84 मुकदमे
    रामपुर में बोलती थी आजम खान की तूती आज वहां दर्ज हैं 84 मुकदमे

    HighLights

    1. रामपुर शहर सीट से 10 बार विधायक रह चुके हैं आजम खान
    2. सपा नेता पर दर्ज हैं 84 मुकदमे
    3. आजम खान के 30 से अधिक ठिकानों पर चल रही आयकर विभाग की छापेमारी

    जागरण संवाददाता, रामपुर : (Azam Khan News) समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव आजम खान लोकसभा चुनाव जीतने के बाद से ही सियासी संकट में घिरते चले गए। सवा दो साल जेल में बिताने के बाद भी उनका यह संकट और गहराता जा रहा है।

    बुधवार सुबह इनकम टैक्स की टीम ने आजम खान के तीस से अधिक ठिकानों पर छापेमारी की। यह छापेमारी गुरुवार को भी जारी रही।

    रामपुर शहर से 10 बार विधायक रह चुके हैं आजम खान

    आजम खान रामपुर शहर से 10 बार विधायक रहे। राज्यसभा सदस्य और प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष भी बने। प्रदेश में जब भी सपा की सरकार आई तब वह कई-कई विभागों के मंत्री रहे। साल 2019 में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़े और जीत गए, लेकिन लोकसभा की सदस्यता उन्हें रास नहीं आई।

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    मई में वह चुनाव जीते और जुलाई में उनके खिलाफ ताबड़तोड़ मुकदमे दर्ज हुए। एक-एक दिन में कई-कई मुकदमे लिखे गए। उनके खिलाफ जीवनभर में दर्ज हुए मुकदमों की संख्या 108 तक पहुंच गई। 84 अब भी चल रहे हैं। मुकदमे दर्ज होने के बाद फरवरी 2020 में वह जेल चले गए और सवा दो साल बाद रिहा हुए।

    साल 2022 में जेल में रहते हुए उन्होंने विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत गए। तब बेटे अब्दुल्ला भी स्वार से विधायक बने। तब आजम खान ने सांसद के पद से इस्तीफा दे दिया। लोकसभा उपचुनाव में भाजपा जीत गई।

    सजा होने के कारण पहले आजम और फिर अब्दुल्ला की भी विधायकी चली गई। दोनों उपचुनाव भी भाजपा ने जीत लिए। रामपुर शहर में तो भाजपा पहली बार चुनाव जीती और पहली बार ही हिंदू विधायक बना।

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    तीनों उपचुनाव में सपा की हार से आजम खान की सियासत को भी झटका लगा। अब आजम खान के साथ ही उनके करीबियों के यहां भी छापेमारी की गई है। इससे उनकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। सियासत प्रभाव पर भी असर पड़ सकता है।

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    जिन लोगों ने उनके ट्रस्ट को चंदे के रूप में मोटी रकम दी है, उनकी धड़कनें भी तेज हैं। उनके करीबी रहे शाहजेब के यहां भी आयकर की टीम पहुंच गई।

    बताया जाता है कि आजम खान के घर छापेमारी के दौरान उनके नाम के भी कुछ कागजात मिले, इस पर टीम उनके घर पहुंची। शाहजेब खान ने पिछले साल विधानसभा उपचुनाव के दौरान सपा छोड़ दी थी और भाजपा में शामिल हो गए थे।