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सीबीएसई की नई व्यवस्था: अब नौवीं-दसवीं में तीन भाषाएं पढ़ना होगा अनिवार्य; 1 जुलाई से बदलाव

Published: Sun, 14 Jun 2026 02:43 PM (IST)

सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति के तहत नौवीं-दसवीं कक्षा में तीन भाषाओं को अनिवार्य कर दिया है, जिसमें से कम ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।

सांकेतिक तस्वीर।

HighLights

  1. नौवीं-दसवीं में तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य, दो भारतीय होंगी।

  2. यह नई व्यवस्था 1 जुलाई से स्कूलों में लागू होगी।

  3. तीसरी भाषा की बोर्ड परीक्षा नहीं, मूल्यांकन स्कूल करेगा।

संवाद सहयोगी, रामपुर। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के तहत आने वाले स्कूलों में अब नौवीं- दसवीं कक्षा में तीन भाषाओं को पढ़ना अनिवार्य होगा। तीन भाषाओं में से कम से कम दो भाषाएं भारतीय मूल की होंगी। सीबीएसई ने नई शिक्षा नीति (2020) और एनसीएफ 2023 के अनुसार भाषा शिक्षा में बड़ा बदलाव किया है। यह व्यवस्था एक जुलाई से लागू होगी। इससे पहले बोर्ड ने अप्रैल से छठी कक्षा में तीन भाषा फार्मूले को लागू किया था।

नई व्यवस्था स्कूलों में एक जुलाई से होगी लागू

सीबीएसई ने इस बदलाव के संबंध में सभी स्कूलों को सर्कुलर जारी कर दिया है। यदि कोई छात्रविदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो वह उसे तीसरी भाषा के रूप में तभी चुन सकेगा, जब बाकी दो भाषाएं भारतीय हों। अन्यथा विदेशी भाषा को चौथी अतिरिक्त भाषा के तौर पर पढ़ाया जाएगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया कि भाषा शिक्षा एनसीईआरटी के नए पाठ्यक्रम के अनुसार ही होगी।

तीसरी भाषा की नहीं होगी बोर्ड परीक्षा

सर्कुलर के अनुसार, भाषाओं को आर-1, आर-2 और आर-3 के रूप में श्रेणीवद्ध किया गया है। 10वीं कक्षा में तीसरी भाषा (आर-3) की कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। इसका मूल्यांकन पूरी तरह स्कूल स्तर पर आंतरिक रूप से किया जाएगा। अभी नौंवी कक्षा के लिए आर-3 (तीसरी भाषा) की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं है, इसलिए नौंवीं कक्षा के छात्र छठी कक्षा की आर-3 किताबों (संस्करण 2026-27) से ही पढ़ाई करेंगे।

छठी के लिए आर-3 की पाठ्यपुस्तकें 19 भाषाओं में एक जुलाई से पहले स्कूलों को उपलब्ध करा दी जाएंगी। सीबीएसई ने स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि वह छठी से नौंवी तक की तीसरी भाषा संबंधी जानकारी को 30 जून तक बोर्ड के ओएसिस पोर्टल पर अपलोड कर दें।

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बोर्ड ने दिव्यांग छात्रों, विदेश में स्थित सीबीएसई स्कूलों और विदेश से भारत लौटने वाले छात्रों को विशेष छूट देने का प्रावधान भी रखा है। भाषा शिक्षा एनसीईआरटी के नए पाठ्यक्रम के अनुसार ही होगी।

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एनके तिवारी, सिटी कोआर्डिनेटर, सीबीएसई, रामपुर।

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