Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को गिराने का नोटिस, सपा का अल्टीमेटम- 'कार्रवाई रुकी नहीं तो होगा जनआंदोलन'

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 03:04 PM (IST)

    रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के नोटिस के खिलाफ समाजवादी पार्टी ने विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी ने राज्यपाल को ज्ञापन सौंपकर छा ...और पढ़ें

    कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता

    कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते सपा कार्यकर्ता

    HighLights

    1. रामपुर के जौहर विवि के भवन ध्वस्त करने के नोटिस का विरोध

    2. समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन

    जागरण संवाददाता, बरेली। समाजवादी पार्टी, बरेली के जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में जनपद रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवनों को ध्वस्त करने के लिए जारी नोटिस को तत्काल वापस लेने तथा ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई।

    ज्ञापन में कहा गया कि विश्वविद्यालय में हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यदि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई तो हजारों विद्यार्थियों की पढ़ाई बीच में रुक जाएगी और उनका भविष्य अंधकारमय हो जाएगा। शिक्षा के अधिकार की संवैधानिक भावना के विपरीत यह कदम न केवल छात्रों के हितों पर कुठाराघात है बल्कि शिक्षा व्यवस्था पर भी सीधा हमला है।

    जिलाध्यक्ष शुभलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार अब शिक्षा के मंदिरों पर भी बुलडोजर चलाकर राजनीतिक प्रतिशोध की राजनीति कर रही है। जो सरकार युवाओं को रोजगार नहीं दे सकी, वह अब उनसे शिक्षा का अधिकार भी छीनना चाहती है। भाजपा की नीतियां लोकतंत्र, संविधान और शिक्षा विरोधी हैं।

    हजारों छात्रों के भविष्य को बर्बाद करने की साजिश किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं की जाएगी। समाजवादी पार्टी सड़क से सदन तक छात्रों के अधिकारों की लड़ाई लड़ेगी। महानगर अध्यक्ष शमीम खां सुल्तानी ने कहा कि भाजपा सरकार हर उस संस्था को निशाना बना रही है, जो उसकी राजनीतिक सोच से मेल नहीं खाती।

    खबरें और भी

    यह कार्रवाई कानून के नाम पर बदले की राजनीति का सबसे बड़ा उदाहरण है। सरकार को छात्रों के भविष्य की कोई चिंता नहीं है, उसे केवल राजनीतिक प्रतिशोध दिखाई देता है। यदि शिक्षा संस्थानों को बुलडोज़र से डराया जाएगा तो यह लोकतंत्र के लिए बेहद खतरनाक संकेत होगा। समाजवादी पार्टी इस तानाशाही मानसिकता का पुरजोर विरोध करती है।

    प्रदेश महासचिव एवं विधायक अताउर रहमान ने कहा कि भाजपा सरकार संविधान की भावना को कुचलकर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग कर रही है। जौहर यूनिवर्सिटी पर कार्रवाई का सबसे बड़ा नुकसान उन गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को होगा, जिन्होंने अपने सुनहरे भविष्य के सपने देखे हैं।

    सरकार को छात्रों की चिंता नहीं, बल्कि विपक्ष से राजनीतिक बदला लेने की चिंता है। यह लोकतांत्रिक मूल्यों का खुला अपमान है और समाजवादी पार्टी इस अन्याय के खिलाफ निर्णायक संघर्ष करेगी। पूर्व सांसद वीरपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतंत्र में असहमति की हर आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है।

    पहले किसानों, नौजवानों और बेरोजगारों की आवाज दबाई गई, अब शिक्षा संस्थानों को निशाना बनाया जा रहा है। यह सत्ता के अहंकार की पराकाष्ठा है। समाजवादी पार्टी छात्रों, शिक्षकों और शिक्षा संस्थानों की रक्षा के लिए हर लोकतांत्रिक संघर्ष में अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहेगी।

    विधायक शहजिल इस्लाम ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के बजाय उनके सपनों पर बुलडोजर चलाने में लगी हुई है। प्रदेश में शिक्षा, रोजगार, महंगाई, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर पूरी तरह विफल सरकार जनता का ध्यान भटकाने के लिए शिक्षा संस्थानों को निशाना बना रही है।

    पूर्व महापौर सुप्रिया ऐरन ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी सभ्य समाज में स्वीकार नहीं किया जा सकता। सरकार को अपनी दमनकारी नीति तुरंत वापस लेनी चाहिए। पूर्व मंत्री भगवत शरण गंगवार ने कहा कि भाजपा सरकार विकास नहीं बल्कि विनाश की राजनीति कर रही है। करोड़ों रुपये की लागत से बने शिक्षा संस्थानों को उजाड़ने की सोच प्रदेश के भविष्य को कमजोर करने वाली है।

    पूर्व विधायक, महीपाल सिंह यादव एवं विजयपाल सिंह ने कहा कि सरकार यदि वास्तव में शिक्षा और युवाओं के हित में गंभीर है तो उसे बुलडोजर की राजनीति छोड़कर विश्वविद्यालयों को मजबूत करना चाहिए। समाजवादी पार्टी छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली हर नीति का पुरज़ोर विरोध करती है और सरकार को चेतावनी देती है कि यदि यह कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो प्रदेशभर में व्यापक जनआंदोलन किया जाएगा।

    यह भी पढ़ें- बरेली उपद्रव मामला: सुप्रीम कोर्ट से झटका खा चुके मौलाना तौकीर रजा की बढ़ीं मुश्किलें, अब फास्ट ट्रैक कोर्ट में शुरू हो रहा ट्रायल