यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की कोठियों के आसपास हों शराब दुकानेः आजम
शराब दुकानों के खिलाफ आंदोलन के बीच सपा नेता आजम खां ने कहा कि शराब दुकानें डीएम एसपी, कमिश्नर और डीआईजी कोठियो के पास होनी चाहिए।

रामपुर (जेएनएन)। सपा नेता आजम खां ने कहा है कि शराब की दुकानों का विरोध सिर्फ जगह को लेकर हो रहा है। दुकानें डीएम, एसपी, कमिश्नर और डीआईजी के बंगलों के पास होनी चाहिए। इससे दुकानें सुरक्षित रहेंगी और सही आदमी ही शराब लेने पहुंचेगा। 80 प्रतिशत शराब की दुकानें प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नेताओं की हैं। महिलाओं का दुकानों को लेकर विरोध करने पर बोले, यह सिर्फ जगह को लेकर है।
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बुधवार को मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि शराब बंदी के लिए सबसे पहले बड़े कारखाने बंद होने चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार के किसानों के कर्ज माफ करने के फैसले को किसानों के साथ नाइंसाफी बताया है। बोले, पहले तो सभी बूचडख़ाने बंद कराने की बात कही गई फिर वैध चलते रहने का राग अलापा जा रहा है। उन्होंने भाजपा नेता संगीत सोम पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके कारखाने का मांस वैध होगा और अन्य स्थानों का अवैध।
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राजस्थान के एक मामले की चर्चा करते हुए बोले कि मुसलमानों को गाय के अलावा अन्य जानवर पालने चाहिए। शिया पर्सनल लॉ बोर्ड को लेकर आजम खां ने कहा कि शिया, सुन्नी इत्तेहाद को बहुत नुकसान पहुंचाया जा रहा है। लीक से अलग हटकर बयान देने वाले सपा के कद्दावर नेता आजम खां ने कहा कि बड़े अधिकारियों के बंगलों के आसपास शराब की दुकाने भी महफूज रहेंगी और खरीदार भी शरीफ आएंगे। उनसे किसी को किसी तरह की दिक्कत भी नही होगी।
