Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    'रेडी टू ईट' बर्फी और हलवे से भागेगा कुपोषण, आंगनवाड़ी के राशन में सरकार ने किया ये बड़ा बदलाव

    Updated: Tue, 02 Jun 2026 06:30 AM (IST)

    केंद्र सरकार के सहयोग से यूपी सरकार ने कुपोषण से लड़ने के लिए आंगनवाड़ी आहार में बड़ा बदलाव किया है। अब दाल, दलिया और तेल की जगह गर्भवती महिलाओं व बच् ...और पढ़ें

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    प्रतीकात्‍मक च‍ित्र

    HighLights

    1. दाल, दलिया और तेल की जगह मिलेंगे सात प्रकार के स्वादिष्ट पौष्टिक आहार

    अनिल अवस्थी, रामपुर। कुपोषण के खिलाफ केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसी क्रम में कुपोषित बच्चों और गर्भवती महिलाओं के आहार में बड़ा बदलाव किया गया है। अभी तक कुपोषित बच्चों व गर्भवती महिलाओं के लिए विभाग की ओर से दिया जाने वाला दाल, दलिया और तेल पर रोक लगा दी गई है।इसकी जगह पर सात प्रकार के स्वादिष्ट व पौष्टिक आहार दिए जाएंगे। ये पूरी तरह रेडी टू ईट होंगे।

    वितरण के लिए पहली खेप पहुंच भी गई है। गर्भवती महिलाओं और छह वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण से दूर रखने और कुपोषित बच्चों को सेहतमंद बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश सरकार पौष्टिक आहार उपलब्ध कराती है। नये वित्तीय वर्ष से सरकार ने इस आहार को और पोष्टिक बनाने का फैसला लिया है।

    इसी क्रम में अप्रैल माह से पुष्टहार वितरण की व्यवस्था बदल दी गई है। एक अप्रैल को बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार की निदेशक सरनीत कौर ब्रोका ने नैफेड (नेशनल एग्रीकल्चर कापरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन आफ इंडिया) के प्रबंध निदेशक को पत्र भेजकर नई व्यवस्था के तहत पुष्टाहार भेजने के निर्देश दिए थे।

    हालांकि, अप्रैल और मई में ये पुष्टाहार की आपूर्ति नहीं कराई जा सकी है। अब अप्रैल माह का पुष्टहार जिलों में पहुंच गया है, जिसके वितरण की तैयारी शुरू कर दी गई है। अब तक छह माह से छह वर्ष के बच्चों और गर्भवती के लिए प्रतिमाह एक किलो चने की दाल, एक किलो दलिया और एक लीटर सोयाबीन का तेल दिया जाता था।

    खबरें और भी

    अब उम्र के हिसाब से छह माह के शिशु से लेकर छह वर्ष के बच्चे और गर्भवती के लिए अलग-अलग तरह के पौष्टिक आहार उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें आटा बेसन हलवा, आटा बेसन बर्फी, दलिया मूंग सोया खिचड़ी, ऊर्जा युक्त हलवा, ऊर्जा युक्त दलिया, आटा बेसन सोया बर्फी, दलिया मूंग दाल खिचड़ी शामिल है।

    ये रेडी टू ईट होगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी धर्मेंद्र मिश्र ने बताया कि अन्न व पौष्टिक दालों युक्त मिश्रित आहार का सेवन दूध व पानी में घोलकर किया जा सकेगा। इसका स्वाद भी बेहतर होगा।इसके सेवन से कुपोषण मुक्ति का संकल्प साकार होगा।

    यह भी पढ़ें- रामपुर: बीमार पति को जबरन ईसाई बनाने की कोशिश, संभल और बुलंदशहर के 6 लोग गिरफ्तार, बहू फरार