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सनातन विवाद: स्टालिन और खड़गे केस की जांच ट्रांसफर करने पर फंसे पुलिस अफसर, रामपुर कोर्ट ने ADG-DIG को किया तलब

Published: Thu, 03 Sep 2026 03:33 PM (GMT+05:30)

सनातन धर्म पर विवादित बयान मामले में उदयनिधि स्टालिन और प्रियांक खड़गे के मुकदमे की विवेचना संबंधित राज्यों को स्थानांतरित ...और पढ़ें

प्रियांक खड़गे और उदयनिधि स्टालिन

प्रियांक खड़गे और उदयनिधि स्टालिन

जागरण संवाददाता, रामपुर। सनातन धर्म पर विवादित बयान देने के मामले में आरोपित तमिलनाडु के पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन और कर्नाटक सरकार में गृह मंत्री प्रियांक खड़गे के मुकदमे की विवेचना संबंधित राज्यों के पुलिस मुख्यालयों को स्थानांतरित करने के मामले में पुलिस अधिकारी फंस गए हैं।

एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) ने एडीजी बरेली, डीआईजी मुरादाबाद, तत्कालीन पुलिस अधीक्षक और विवेचना अधिकारी को नोटिस तलब किया है। इस मामले की सुनवाई के लिए 28 सितंबर नियत की गई है।

शहर के दो वरिष्ठ अधिवक्ताओं राम सिंह लोधी और हर्ष गुप्ता ने तीन साल पहले पुलिस अधीक्षक से शिकायत की थी। दोनों अधिवक्ताओं का कहना था कि चार सितंबर 2023 को उदयनिधि स्टालिन का भाषण अंग्रेजी समाचार पत्र में प्रकाशित हुआ।

इसमें उन्होंने सनातन धर्म की तुलना डेंगू, मलेरिया व कोरोना से करते हुए कहा कि जिस प्रकार इन बीमारियों का नाश किया जा रहा है, उसी प्रकार सनातन धर्म का भी नाश आवश्यक है।

अगले दिन एक हिंदी राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रियांक खरगे द्वारा स्टालिन के भाषण का समर्थन करते हुए समाचार प्रकाशित हुआ। इस तरह का समाचार पढ़कर हमारी भावनाओं को अत्याधिक आघात पहुंचा है।

स्टालिन द्वारा धर्म आधार पर विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता व समप्रवर्तन और सौहार्द पर प्रतिकूल प्रभाव डालने वाला कृत्य किया गया है। यह जानबूझकर धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आशय से किया गया है।

अधिवक्ताओं की शिकायत पर दोनों मंत्रियों के खिलाफ पांच सितंबर 2023 को सिविल लाइंस कोतवाली में धारा 153 ए व 295 ए आईपीसी के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मुकदमे की जांच न्यायालय की निगरानी में की जा रही थी।

बावजूद इसके पुलिस अधिकारियों ने विवेचना संबंधित राज्यों के मुख्यालयों को स्थानांतरित कर दी गई। इसकी जानकारी शिकायतकर्ताओं को नहीं दी गई। शिकायतकर्ताओं ने एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (सेशन ट्रायल) में प्रार्थना पत्र देकर इस पर सवाल उठाए।

न्यायालय ने इस पर सुनवाई करते हुए सभी जिम्मेदार अधिकारियों को तलब किया था और निचली अदालत से रिकार्ड तलब किए थे। गुरुवार को इस मामले में सुनवाई थी।

अधिवक्ता हर्ष गुप्ता ने बताया कि सुनवाई के दौरान कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचा। न्यायालय ने सभी को नोटिस जारी किए हैं। अब इस मामले में 28 सितंबर को सुनवाई होगी।

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