सहारनपुर में 1000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर निर्माण को बढ़े कदम, भूमि के क्रय-विक्रय पर रोक; गाटा नंबर मांगे
यूपीडा ने सहारनपुर में 1000 हेक्टेयर में इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं, जिसके लिए 13 गांवों में भूमि चिन्हित की गई है। ...और पढ़ें

प्रतीकात्मक फोटो
HighLights
कॉरिडोर में 13 गांवों में हाईवे के निकट भूमि चिन्हित।
सदर तहसील के 11 और नकुड़ के दो गांव शामिल।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण के एक हजार हेक्टेयर भूमि में औद्योगिक गलियारा बनाने की दिशा में कदम बढ़े हैं।
13 गांवों में गलियारे के लिए हाईवे के निकट भूमि चिन्हित की गई है। भूमि के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश के बाद स्टांप एवं पंजीयन विभाग ने चिन्हित भूमि के गाटा नंबर उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। माना जा रहा है कि भूमि की प्रक्रिया पूरी होने के बाद गलियारे के विकास का काम शुरू कर दिया जाएगा।
तेजी से औद्योगिक विकास के लिए प्रदेश शासन के निर्देश पर यूपीडा (UPEIDA) द्वारा औद्योगिक गलियारे (Industrial Corridor) के लिए एक हजार हेक्टेयर भूमि किसानों से ली जाएगी। प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी दीपक कुमार ने जिलाधिकारी को भेजे पत्र में कहा था कि औद्योगिक गलियारे के लिए भूमि चिन्हित कराते हुए राजस्व मानचित्र की प्रति सहित विवरण उपलब्ध कराएं।
यह भूमि निर्मित हाईवे, निर्माणाधीन प्रस्तावित एक्सप्रेस-वे, राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्यीय राजमार्ग के अलावा ऐसे मार्ग पर हो जिससे औद्योगिक क्षेत्र से आवागमन सुचारू रूप से हो सके। भूमि ऐसी जगह हो जहां जलभराव की स्थिति न बनती हो।भूमि हाईटेंशन लाइन से कवर न हो।
भूमि आसानी से खरीदी अथवा अधिग्रहित की जा सके। भूमि आबादी आदि में नहीं होनी चाहिए। महानगर में उद्योग विभाग के अंतर्गत दिल्ली रोड पर लगभग 45 वर्ष पहले औद्योगिक क्षेत्र का विकास किया गया था। 20 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल वाले इस औद्योगिक क्षेत्र में वुडन, मशीनरी, पैकेजिंग सहित कई प्रकार की इकाइयां है।
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अंबाला रोड पर पिलखनी में लगभग 95 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र है। जनता रोड पर कामधेनु कांप्लेक्स में उद्यमियों ने अपनी भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया हुआ है। यूपीडा के नए गलियारे के लिए सदर तहसील के 11 गांवों में लाखनौर मुस्तकम,अलीपुरा, कोटा, कपासी, सूभरी मेहराब, सैदपुरा, लतीफपुर मुस्तकम, सीड़की, उमाही, भलस्वा ईसापुर, वाजिदपुर सानी तथा नकुड़ सरगथगवाला एवं कुम्हारहेड़ा को शामिल किया गया है।
दोनों तहसील क्षेत्रों के भूमि हाइवे के नजदीक पड़ती है। सूत्रों का कहना है कि सदर तहसील क्षेत्र के गांवों में लगभग 140 एकड़ भूमि देखी गई है। चिन्हित गांवों भूमि के बारे में स्टांप एवं पंजीयन विभाग से कहा गया था कि इन गांवों में भूमि के क्रय-विक्रय पर रोक दी जाए।
सहायक आयुक्त स्टांप बृजेश सिंह चौधरी ने बताया कि प्रशासन से आग्रह किया है कि विभाग को चिन्हित भूमि के गाटा नंबर उपलब्ध करा दिए जिससे केवल उन्हीं का क्रय-विक्रय रोका जा सके।