यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
नीले गगन को चीरता चला गया सुखोई....दागे हवाई ग्रेनेड; सरसावा वायु सेना स्टेशन में कारगिल विजय दिवस पर हुआ एयर शो
Kargil Vijay Diwas Saharanpur News वायुसैनिकों के करतब देखकर वहां मौजूद लोगों ने उनका जमकर उत्साह बढ़ाया। कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ का समारोह ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। सरसावा वायु स्टेशन में शनिवार को भारतीय वायु सेना के एयर शो में फाइटर जेट सुखोई, राफेल, जगुआर, एमआइ17 हेलीकॉप्टर, एएन-32 और डोर्नियर विमानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। एक तरफ वायु सेना के हेलीकाप्टरों ने साथ उड़ान भरी तो दूसरी तरफ फाइटर जेट आसमान को चीरते हुए ऊपर निकल गए।
कृत्रिम रूप से दर्शाई गई कारगिल पहाड़ियों पर हवाई ग्रेनेड फेंके गए। नीले गगन में सुखोई की कलाबाजी देख दर्शकों के रोंगटे खड़े हो गए।
कारगिल युद्ध के 25 साल पूरे होने पर कार्यक्रम
कारगिल युद्ध में विजय के 25 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में सरसावा वायु स्टेशन में रजत जयंती महोत्सव का आयोजन हुआ। इसमें वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल वीआर चौधरी ने युद्ध स्मारक पर सभी वायु योद्धाओं को परिवारों, पूर्व सैनिकों और सेवारत भारतीय वायुसेना अधिकारियों के साथ पुष्पांजलि अर्पित की।
चौधरी ने बलिदानियों के स्वजन को सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह रजत जयंती हमारे उन नायकों की वीरता और साहस का प्रमाण है, जिन्होंने देश की अखंडता की रक्षा के लिए कठिन इलाकों और बर्फीली चोटियों पर बहादुरी से फतह हासिल की।
वीर सैनिकों की शाैर्य गाथाएं
एयरफोर्स बैंड की मधुर स्वर लहरियों के बीच वीर सैनिकों की शौर्य गाथाएं सुनाई गईं। इस दौरान आयोजित एयर शो में जगुआर, एसयू-30 एमकेआइ और सुखोई, राफेल लड़ाकू विमानों के हैरतअंगेज करतब देख दर्शक रोमांचित हो उठे। इसी बीच विमानों से निकले पैराशूट आसमान में झंडा फहराते हुए जमीन पर उतरे।
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स्कूली बच्चों ने तालियां बजाकर जवानों का उत्साह बढ़ाया। बलिदानी नायकों की याद में एमआइ-17 वी-5 की ओर से एक ‘मिसिंग मैन फार्मेशन’ उड़ाया गया। इस दौरान एयर वारियर ड्रिल टीम और वायु सेना बैंड के प्रदर्शन के साथ ही भारतीय वायुसेना के हेलीकाप्टर एमआइ-17वी5, चीता, चिनूक का स्टेटिक डिस्प्ले किया गया।
सरसावा यूनिट ने खोए थे चार वीर योद्धा
वायु सेना स्टेशन सरसावा की 152 हेलीकाप्टर यूनिट (एचयू), ‘द माइटी आर्मर’ ने आपरेशन सफेद सागर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 28 मई 1999 को 152 एचयू के स्क्वाड्रन लीडर आर पुंडीर, फ्लाइट लेफ्टिनेंट एस मुहिलन, सार्जेंट पीवीएनआर प्रसाद और सार्जेंट आरके साहू को तोलोलिंग में दुश्मन के ठिकानों पर लाइव स्ट्राइक के लिए ‘नुब्रा’ फार्मेशन में उड़ान भरने का जिम्मा सौंपा गया था। हमले के दौरान उनके हेलीकाप्टर पर दुश्मन की स्टिंगर मिसाइल ने हमला कर दिया, जिससे हमारे चारों वीर योद्धा बलिदान हो गए थे।
मरणाेपरांत वायु सेना पदक से किया था सम्मानित
असाधारण साहसिक कार्य के लिए सभी को मरणोपरांत वायु सेना पदक (वीरता) से सम्मानित किया गया। वायु सेना की ओर से बताया गया कि कारगिल युद्ध के दौरान वायु सेना ने 5000 स्ट्राइक मिशन, 350 टोही मिशन और लगभग 800 एस्कार्ट उड़ानें भरीं। भारतीय वायुसेना ने हताहतों की निकासी और हवाई परिवहन के लिए 2000 से अधिक हेलीकाप्टर उड़ानें भरी थीं।।

बनाई गई कारगिल पहाड़ियों पर ग्रेनेड दागकर प्रदर्शन किया।
जवानों को किया सैल्यूट
कारगिल विजय दिवस की 25वीं वर्षगांठ का समाराेह सहारनपुर के सरसावा एयरफोर्स स्टेशन पर मनाया जा रहा है। वायुसेना के हेलीकॉप्टर संग जवानों ने हैरतअंगेज करतब दिखाए। जिन्हें देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए और जवानों को सैल्यूट किया। उनका जोश तालियों की गड़गड़ाहट के साथ बढ़ाया।
#WATCH | Saharanpur, UP: Kargil Vijay Diwas' 25th anniversary celebrations underway at Sarasawa Air Force Station. pic.twitter.com/NGTLcpPqHS
— ANI (@ANI) July 13, 2024