यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
56 साल बाद बर्फ में मिला पार्थिव शरीर: 1968 में विमान हादसे में बलिदान हो गए थे एयरफोर्स के जवान मलखान सिंह
Saharanpur News Malkhan Singh Body Found After 56 Year सियाचिन ग्लेशियर में 56 साल पहले हुए विमान हादसे में मलखान सिंह बलिदान हुए थे। अचानक से जब एयरफ ...और पढ़ें

HighLights
- चंडीगढ़ से लद्दाख जाते समय बर्फीले तूफान में फंसकर क्रैश हुआ था विमान
- तीन अक्टूबर को गांव में आएगा बलिदानी का पार्थिव शरीर
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। नानौता थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी बलिदानी जवान मलखान सिंह का पार्थिव शरीर 56 साल बाद सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र में बर्फ में दबा मिला है। मंगलवार को सरसावा से एयरफोर्स जवानों ने गांव पहुंचकर बलिदानी के भाई को उनका पार्थिव शरीर मिलने की जानकारी दी। पार्थिव शरीर के पास मिले बैज से पहचान हुई। उनका पार्थिव शरीर तीन अक्टूबर को गांव पहुंचेगा।
गांव फतेहपुर निवासी मलखान सिंह पुत्र रामदिया वायु सेना में तैनात थे। सात फरवरी 1968 को वायुसेना के विमान ने 100 से अधिक जवानों को लेकर चंडीगढ़ से लेह के लिए उड़ान भरी थी। इसमें फतेहपुर निवासी 23 वर्षीय मलखान सिंह भी थे। इसी दौरान हिमाचल के सियाचिन ग्लेशियर क्षेत्र में बर्फीले तूफान की चपेट में आने से विमान क्रैश हो गया था। हादसे में मलखान सिंह समेत सभी जवान बलिदान हो गए थे, लेकिन घटनास्थल पर बर्फीले पहाड़ होने के कारण तब किसी का पार्थिव शरीर नहीं मिल पाया था।
सर्च अभियान के दौरान बलिदानी का पार्थिव शरीर मिलने की जानकारी दी
हादसे के करीब 56 वर्ष बाद मंगलवार को सरसावा से आए जवानों ने फतेहपुर गांव मलखान सिंह के घर पहुंचकर उनके भाई इसमपाल सिंह को सर्च अभियान के दौरान बलिदानी मलखान सिंह का पार्थिव शरीर मिलने की जानकारी दी। इतने साल बाद भाई के बारे में सुनकर इसमपाल सिंह हैरान रह गए।
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इसमपाल सिंह ने सहारनपुर में रह रहे बलिदानी भाई के पौत्र गौतम और मनीष को उनके दादा का पार्थिव शरीर मिलने की जानकारी दी तो दोनों पौत्र और पौत्री भी परिवार समेत गांव पहुंच गए।