NHAI ने दिया झटका: दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर फिर बढ़ा टोल, सहारनपुर में तो 5 KM के सफर पर भी देने पड़ रहे 115 रुपये
Delhi-Dehradun Economic Corridor: एनएचएआई ने दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर टोल प्लाजा पर शुल्क बढ़ा दिया है। तीन महीने पहले हुई बढ़ोतरी के बाद b ...और पढ़ें

सैयद माजरा टोल प्लाजा सहारनपुर। जागरण
HighLights
एनएचएआई ने एक अगस्त से लागू कर दी हैं बढ़ी दरें।
कम दूरी के यात्रियों को भी पूरा टोल चुकाना पड़ रहा।
तीन माह पहले भी टोल शुल्क में बढ़ोतरी की गई थी।
संवाद सूत्र, छुटमलपुर (सहारनपुर)। दिल्ली-देहरादून इकोनामिक काॅरिडोर पर सफर करने वाले वाहन चालकों के टोल शुल्क में बढ़ोतरी कर एनएचएआई ने जोर का झटका दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने सहारनपुर क्षेत्र के सैयद माजरा, गणेशपुर और जैनपुर टोल प्लाजा की शुल्क दरों में संशोधन करते हुए बढ़ी दरें एक अगस्त से लागू कर दी हैं। खास बात यह है कि महज तीन माह पहले ही टोल शुल्क में बढ़ोतरी की गई थी, जिससे स्थानीय यात्रियों में नाराजगी है।
सैयद माजरा टोल प्लाजा पर सबसे अधिक बढ़ोतरी
सबसे अधिक बढ़ोतरी सैयद माजरा टोल प्लाजा पर की गई है। यहां कार चालकों को अब 85 रुपये के स्थान पर 115 रुपये चुकाने होंगे। हल्के व्यावसायिक वाहनों का शुल्क 145 से बढ़ाकर 185 रुपये, बस एवं ट्रक का 300 से 385 रुपये, तीन एक्सल वाहनों का 330 से 420 रुपये, भारी वाहनों का 475 से 605 रुपये तथा अत्यधिक भारी वाहनों का शुल्क 575 से बढ़ाकर 735 रुपये कर दिया गया है।
वहीं गणेशपुर टोल प्लाजा पर कार का एकतरफा शुल्क 145 से बढ़ाकर 155 रुपये कर दिया गया है।
हल्के व्यावसायिक वाहनों के लिए 250 रुपये, बस एवं ट्रक के लिए 520 रुपये, तीन एक्सल वाहनों के लिए 570 रुपये, भारी वाहनों के लिए 820 रुपये तथा अत्यधिक भारी वाहनों के लिए 995 रुपये निर्धारित किए गए हैं। 24 घंटे के भीतर वापसी करने वाले कार चालकों को अब 220 रुपये की बजाय 230 रुपये देने होंगे।
नई दरों का सबसे अधिक असर सहारनपुर, बिहारीगढ़, गागलहेड़ी और छुटमलपुर क्षेत्र के यात्रियों पर
नई दरों का सबसे अधिक असर सहारनपुर, बिहारीगढ़, गागलहेड़ी और छुटमलपुर क्षेत्र के यात्रियों पर पड़ेगा। छुटमलपुर से सहारनपुर जाने वाले अनेक वाहन चालक सैयद माजरा टोल से हरोड़ा गागलहेड़ी कट तक महज चार से पांच किलोमीटर ही इकोनामिक काॅरिडोर का उपयोग करते हैं, लेकिन उन्हें पूरे 115 रुपये का टोल देना पड़ता है।
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यात्रियों का कहना है कि देश के अधिकांश आधुनिक एक्सप्रेसवे पर क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम लागू है, जिसमें वाहन जितनी दूरी तय करता है, उसी के अनुसार टोल लिया जाता है। जबकि दिल्ली-देहरादून इकोनामिक कॉरिडोर पर अभी भी सामान्य टोल प्लाजा व्यवस्था लागू होने से कम दूरी तय करने वालों को भी पूरा शुल्क देना पड़ रहा है।
कम दूरी के बावजूद बार-बार अधिक टोल शुल्क चुकाना पड़ रहा
एनएचएआइ के मानकों के अनुसार दो टोल प्लाजा के बीच न्यूनतम दूरी 60 किलोमीटर होनी चाहिए, जबकि सैयद माजरा और गणेशपुर टोल प्लाजा के बीच मात्र 24 किलोमीटर का अंतर है। ऐसे में स्थानीय यात्रियों का कहना है कि उन्हें कम दूरी के बावजूद बार-बार अधिक टोल शुल्क चुकाना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि वाइल्डलाइफ एलिवेटेड कारिडोर स्थित गणेशपुर टोल प्लाजा पर 26 अप्रैल 2026 से ही टोल वसूली शुरू हुई थी और मात्र तीन माह बाद ही शुल्क में फिर वृद्धि कर दी गई है। हालांकि स्थानीय यात्रियों की मांग है कि जल्द से जल्द एआई आधारित क्लोज्ड टोलिंग सिस्टम लागू किया जाए, ताकि जितनी दूरी तय हो, उसी के अनुरूप टोल का भुगतान करना पड़े।
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक विशाल गोयल ने बताया कि टोल शुल्क में संशोधन एनएचएआइ से प्राप्त गाइडलाइन के अनुसार किया गया है।