विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

साहीवाल, थारपारकर… देसी गायों के पालन पर 12 लाख तक का अनुदान, 28 लाभार्थियों को मिली प्रोत्साहन राशि

Published: Thu, 06 Aug 2026 09:41 PM (IST)

सहारनपुर में दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर डेयरी कॉन्क्लेव आयोजित हुआ। सीडीओ ने मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन ...और पढ़ें

News Article Hero Image

HighLights

  1. दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूरे होने पर कॉन्क्लेव।

  2. 28 लाभार्थियों को गौ-संवर्धन योजना के तहत पत्र।

  3. गाय पालन पर 12 लाख रुपये तक का अनुदान।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। दुग्धशाला विकास विभाग के 50 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में बुधवार को विकास भवन सभागार में जनपद स्तरीय डेयरी कान्क्लेव का आयोजन किया गया। इसमें सीडीओ ने स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लिए चयनित 28 लाभार्थियों को चयन और अनुमति पत्र प्रदान किए। योजना के तहत लाभार्थियों को सरकार की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

दुग्धशाला विकास विभाग एवं पशुपालन विभाग के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में अधिकारियों द्वारा अपने-अपने विभाग की योजनाओं व गतिविधियों की जानकारी दी।

सीडीओ सुमित राजेश महाजन ने मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के तहत वित्तीय वर्ष 26-27 में चयनित 14 महिला एवं 14 पुरुष लाभार्थियों को चयन पत्र एवं अनुमति पत्र वितरित किए।

किसानों को आत्मनिर्भर बनाना ही योजना का उद्देश्य

सीडीओ ने बताया कि हर गांव में सहकारी समितियां बनाकर किसानों को गांव में ही दूध का उचित मूल्य दिलाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना ही योजना का उद्देश्य है। इसके तहत स्वदेशी नस्ल की गायों को बढ़ावा देने के साथ ही उनकी नस्ल सुधारी जाएगी।

योजना के तहत दो स्वदेशी गाय खरीदने पर 40 प्रतिशत सब्सिडी या अधिकतम 80,000 रुपये, नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 25 गाय की इकाई, जिसमें साहीवाल, गिर, थारपारकर अथवा गंगातीरी (अधिकतम पांच इकाई) के परियोजना लागत 62.5 या 61 लाख रुपये (इकाई में पांच गंगातीरी गाय) का 50 प्रतिशत अधिकतम 31.25 या 30.50 लाख रुपये का अनुदान मिलेगा।

वहीं, मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 10 गायों की इकाई स्थापित करने पर 11.80 लाख रुपये का अनुदान (50 प्रतिशत तक) एवं मुख्यमंत्री प्रगतिशील पशुपालक प्रोत्साहन योजना के तहत उच्च दूध उत्पादन पर 10 हजार से 15 हजार रुपये प्रोत्साहन राशि मिल सकेगी।

उप दुग्धशाला विकास अधिकारी एवं जिला समन्वयक नन्द बाबा दुग्ध मिशन रामशरण, मधुसुदन डेयरी सलाहकार डा. अशोक कुमार त्रिपाठी, कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा. मनोज कुमार सिंह और पशुचिकित्सा अधिकारी डा. एमपी सिंह गौर ने भी विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ-संवर्धन योजना के लाभार्थी आदित्य कुमार त्यागी ने स्वदेशी गौवंशियों के गौमूत्र, गोबर से तैयार किए जा रहे उत्पादों के साथ ही एंटी रेडीएशन चिप आदि की जानकारी देकर अपनी सफलता की कहानी सुनाई।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।