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    750 करोड़ रुपये की लागत से बना सहारनपुर-मुजफ्फरनगर मार्ग कई जगह धंसा; अब लोगों की परेशानी दूर होने की जगी आस

    By Sanjeev Kumar Gupta Edited By: Praveen Vashishtha
    Updated: Mon, 11 May 2026 06:20 AM (IST)

    सहारनपुर-मुजफ्फरनगर फोरलेन पर 2018 से यातायात शुरू होने के बाद पहली बार गड्ढों और दरारों की मरम्मत का काम चल रहा है। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. फोरलेन पर गड्ढों और दरारों की मरम्मत शुरू।

    2. उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण ने कराया था निर्माण।

    जागरण संवाददाता, सहारनपुर। सहारनपुर-मुजफ्फरनगर फोरलेन पर 2018 से शुरू हुए यातायात के बाद जगह-जगह क्रैक के चलते कई स्थानों सड़क धंस रही है। यातायात शुरू होने के बाद फोरलेन पर पहली बार गड्ढ़ों और क्रैक की मरम्मत का काम चल रहा है।

    कार्यदायी संस्था के अनुसार दिसंबर-2026 तक मरम्मत पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम फेज में 52 किमी फोरलेन के सबसे अधिक खराब हिस्सों को चिन्हित कर काली लेयर आदि बिछाने का किया जा रहा है।

    उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग प्राधिकरण(उपशा) द्वारा पीपीपी माडल पर 52 किमी फोरलेन का निर्माण मार्च-2016 से शुरू कराया गया था। लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत से बने फोरलेन पर जून 2018 से टोल प्लाजा के साथ यातायात शुरू कराया गया था।निर्माण के बाद से फोरलेन पर लेयर(रि-सरफेसिंग)बिछाने का काम नही कराया गया था।

    कुछ स्थानों पर पैच वर्क खराब होने के कारण तेजी से गुजरने वाले वाहनों में बैठे यात्रियों को तेज झटके भी लगते है।मार्ग पर दो टोल प्लाजा द्वारा वाहनों से टोल शुल्क वसूला जा रहा है। थर्मोप्लास्टिक पट्टी आदि भी कई स्थानों पर खराब हो चुकी है।

    नागल के चौधरी राजवीर सिंह, बढ़ेड़ी कोली के राजबीर सिंह, मीरपुर मोहनपुर के राजकुमार वालिया,बसेड़ा के निखिल त्यागी का कहना है कि फोरलेन पर जगह-जगह क्रैक और गड्ढ़ों के कारण दुपहिया और चार पहिया वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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    कुछ स्थानों पर क्रैक के कारण फोरलेन धंस भी रहा है। फोरलेन के रखरखाव का काम एप्को की इकाई मैसर्स देवबंद हाईवे प्राइवेट लिमिटेड पर है। मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे से देवबंद नागल होकर गागलहेड़ी के ज्योतिबा फूल चौक तक मरम्मत की शुरुआत कराई गई है। कुछ स्थानों पर काली लेयर आदि भी बिछाई जा रही है।

    इन्‍होंने कहा 

    फोरलेन की मरम्मत प्रथम फेज में उन स्थानों पर कराई जा रही है जहां सबसे अधिक खराब है।दिसंबर-2026 तक मरम्मत का काम पूरा करा लिया जाएगा।
    -विनोद शर्मा, प्रबंधक देवबंद हाइवे प्राइवेट लिमिटेड