सहारनपुर में अन्य कई मस्जिद-मजारें भी रडार पर, संचालकों को जारी किए जा चुके नोटिस
सहारनपुर प्रशासन सरकारी जमीनों पर अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है, जिसके तहत देवबंद में कई मस्जिद-मजारों के संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर शहर के घंटाघर पर मुस्तैद पुलिस। जागरण
HighLights
प्रशासन अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रहा है।
देवबंद में सरकारी जमीन पर बनी मस्जिद-मजारों को नोटिस।
जागरण संवाददाता, सहारनपुर। जनपद में सरकारी जमीनों पर कब्जा कर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन सख्त रुख अपनाए है। देवबंद के विभिन्न गांवों में सरकारी भूमि पर कब्जा कर बनाई गईं मस्जिद और मजारों के साथ ही शहर में भी कई अवैध निर्माण पर ध्वस्तीकरण का खतरा मंडरा रहा है। जिला प्रशासन देवबंद क्षेत्र में अवैध रूप से बनाई छह मस्जिद व मजारों के संचालकों को नोटिस जारी कर सरकारी जमीन को कब्जामुक्त करने के निर्देश दे चुका है। मामले में फिलहाल तहसीलदार न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
देवबंद क्षेत्र के गांव सोहनचिड़ा में वर्ष 2012 में करीब 0.0172 हेक्टेयर भूमि पर अवैध रूप से मस्जिद बना ली गई। जमीन का वर्तमान में मूल्य करीब 11.52 लाख रुपये है। देवबंद तहसीलदार ने मस्जिद के मुतवल्ली अहसान को नोटिस जारी कर 25 लाख रुपये क्षतिपूर्ति जमा करने का निर्देश दिया था। इसी तरह गांव पांडौली में 0.0300 हेक्टेयर भूमि कब्जाकर मस्जिद बनाई गई। वर्तमान में इस संपत्ति का बाजार भाव करीब 20.01 लाख रुपये आंका गया।
गांव छलौली परगना नागल में 0.2900 हेक्टेयर सरकारी भूमि पर अवैध रूप से मदरसा बना लिया गया। इससे राजस्व विभाग को करीब 19.69 लाख रुपये का नुकसान हुआ। देवबंद के ही गांव अंबेहटा शेखा में सरकारी जमीन 0.1000 हेक्टेयर पर कब्जा कर मदरसे का निर्माण कर लिया गया। इससे राजस्व विभाग को 17.50 लाख रुपये की क्षति हुई है। गांव पहाड़पुर में भी सरकारी जमीन पर कब्जा कर मस्जिद बनाने से राजस्व विभाग को 41.20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
देवबंद तहसील के गांव अंबेहटा शेखा में मस्जिद का निर्माण कराया गया। 0.100 हेक्टेयर जमीन पर अवैध निर्माण से राजस्व विभाग को 17.50 लाख रुपये का नुकसान हुआ। देवबंद तहसीलदार ने सभी प्रबंधकों को अपना पक्ष रखने का समय दिया था। नोटिस मिलने के बाद से अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है। मामले में कब्जाधारियों की ओर से तहसीलदार न्यायालय में अपना पक्ष रखा गया है। न्यायालय अवैध निर्माण करने वालों की ओर से दिए गए साक्ष्यों का आकलन कर रही है। वहीं दूसरी ओर शहर में भी अवैध निर्माण को लेकर सख्ती की जा रही है। जेवी जैन कालेज रोड समेत विभिन्न क्षेत्रों में कब्जाधारियों को नोटिस जारी किए गए हैं।
