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अब नकली नोटों पर कसेगी नकेल, RBI और PNB की संयुक्त जांच; चेस्ट से शाखाओं तक खंगाली जा रही करेंसी

Published: Wed, 02 Sep 2026 10:12 PM (IST)

सहारनपुर में नकली नोटों के मामले में आरबीआई और पीएनबी की संयुक्त टीम जांच कर रही है। यह जांच बैंक ...और पढ़ें

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

इस फोटो को AI के माध्यम से तैयार किया गया है।

HighLights

  1. आरबीआई-पीएनबी की संयुक्त टीम कर रही जांच।

  2. करेंसी चेस्ट से शाखाओं तक नोटों की पड़ताल।

  3. 500, 200, 100 रुपये के नोटों की भी जांच।

जागरण संवाददाता, सहारनपुर। नकली नोटों से जुड़े मामले की जांच अब बैंक की नकदी से लेकर करेंसी चेस्ट और वहां से विभिन्न शाखाओं तक पहुंची करेंसी की पूरी कड़ी को खंगालने पर केंद्रित हो गई है। आरबीआइ और पंजाब नेशनल बैंक की संयुक्त जांच टीम पूरे मामले की पड़ताल कर रही है।

बैंक में मिले 500 रुपये के संदिग्ध नोटों के बाद अब 200 और 100 रुपये के नोटों की भी जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि नकली करेंसी की पहुंच कितनी दूर तक रही।

पंजाब नेशनल बैंक की करेंसी चेस्ट में मिली 17 करोड़ रुपये की नकली करेंसी के मामले में जांच जारी है। आरबीआइ व पीएनबी की 21 सदस्यीय टीम नोटों की चेकिंग में जुटी है। करेंसी चेस्ट से इस जांच से पहले निकले रुपयों की सप्लाई को भी खंगाला जा रहा है। पुलिस टीम भी आरोपितों की गिरफ्तारी में जुटी हुई है।

नोटों के नंबरों का किया जा रहा मिलान

जांच टीम का फोकस इस बात पर है कि आरबीआइ से करेंसी चेस्ट में कुल कितनी रकम आई थी और चेस्ट से अलग-अलग बैंक शाखाओं को कितनी राशि भेजी गई। इसके लिए करेंसी के आवागमन से जुड़े रिकार्ड की पड़ताल की जा रही है। चेस्ट में आने और वहां से बाहर भेजी गई रकम का मिलान बैंक के रिकार्ड से किया जा रहा है। जांच को और पुख्ता करने के लिए आरबीआइ से संबंधित करेंसी की सूची मंगाई गई है। इस सूची के आधार पर नोटों के नंबरों का मिलान किया जा रहा है।

टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि संदिग्ध नोट किस बैच या करेंसी खेप से संबंधित हैं और वे बैंकिंग चैनल में किस स्तर पर पहुंचे। नोटों के नंबरों का मिलान इसलिए भी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे करेंसी की वास्तविक आवाजाही की कड़ी जोड़ने में मदद मिल सकती है। आरबीआइ से प्राप्त विवरण और बैंक के रिकार्ड में किसी तरह का अंतर सामने आता है तो उसकी भी अलग से जांच की जाएगी।

शुरुआती जांच में 500 रुपये के नोटों पर फोकस था। अब जांच का दायरा बढ़ाते हुए 200 और 100 रुपये के नोटों को भी शामिल किया गया है। टीम यह सुनिश्चित करना चाहती है कि संदिग्ध करेंसी केवल एक ही मूल्यवर्ग तक सीमित है या अलग-अलग मूल्यवर्ग के नोट भी बैंकिंग चैनल में पहुंचे हैं। इसके लिए संबंधित नकदी, रिकार्ड और करेंसी की उपलब्धता का मिलान किया जा रहा है।

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जांच का एक महत्वपूर्ण हिस्सा करेंसी चेस्ट से विभिन्न शाखाओं को भेजी गई नकदी है। टीम यह देख रही है कि किस तारीख को कितनी रकम चेस्ट में आई, उसका कितना हिस्सा बैंक की शाखाओं को भेजा गया और संबंधित शाखाओं में उस करेंसी का लेन-देन किस प्रकार हुआ।

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