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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

Ganga Expressway : अब 6 नहीं बल्कि 8 लेन का होगा गंगा एक्सप्रेसवे, भूमि का हो रहा अधिग्रहण- तेजी से चल रहा काम

Published: Fri, 18 Oct 2024 05:47 PM (IST)

गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ-साथ औद्योगिक गलियारों के विकास पर भी काम किया जा रहा है। खिरनी मोहिद्दीनपुर और ...और पढ़ें

85 प्रतिशत हो चुका है ओवरब्रिज निर्माण का कार्य
85 प्रतिशत हो चुका है ओवरब्रिज निर्माण का कार्य

HighLights

  1. डामरीकरण कार्य 70 प्रतिशत पूरा
  2. 90 प्रतिशत स्ट्रक्चर निर्माण भी समाप्त
  3. दिसंबर के अंत तक पूरा होने की उम्मीद

संवाद सहयोगी, बहजोई। पश्चिमी उत्तर प्रदेश को पूर्वी उत्तर प्रदेश से जोड़ने वाले योगी सरकार के महत्त्वाकांक्षी प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से प्रगति कर रहा है। 594 किमी लंबी इस परियोजना का उद्देश्य राज्य के दोनों छोरों के बीच यातायात को सुगम बनाना है, जिससे न केवल यात्रा का समय कम होगा, बल्कि व्यापारिक और औद्योगिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा। निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे का शुभारंभ 29 जनवरी 2019 को किया गया था, और इसे दिसंबर 2024 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि, अब इसकी समयसीमा जनवरी 2025 तक बढ़ाई गई है।

एक्सप्रेसवे निर्माण के लिए स्ट्रक्चर और डामरीकरण कार्य की प्रगति संतोषजनक बताई जा रही है। गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के तहत मेरठ से प्रयागराज तक के मार्ग में 90 प्रतिशत स्ट्रक्चर का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। साथ ही, डामरीकरण का कार्य भी 70 प्रतिशत तक समाप्त हो चुका है।

एक्सप्रेसवे की भौतिक प्रगति 67 प्रतिशत हो चुकी है, और कार्यदाई संस्था का दावा है कि परियोजना को तय समय में पूरा कर लिया जाएगा। विशेष रूप से संभल जिले में 38.78 किमी लंबाई में बनने वाले हिस्से पर तेजी से काम हो रहा है।

85 प्रतिशत हो चुका है ओवरब्रिज निर्माण का कार्य

संभल जिले में यूपीडा (उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण) द्वारा 31 गांवों की भूमि का अधिग्रहण कर निर्माण कार्य शुरू किया गया था। इस क्षेत्र में तीन ओवरब्रिज और एक रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण भी शामिल है। ओवरब्रिज के पिलर खड़े किए जा चुके हैं, जबकि आगरा-मुरादाबाद नेशनल हाईवे पर लहरावन गांव में ओवरब्रिज का निर्माण 85 प्रतिशत पूरा हो चुका है। इसके साथ ही, रेलवे लाइन पर बने ओवरब्रिज का 60 प्रतिशत कार्य भी पूर्ण हो चुका है।

औद्योगिक गलियारा और इंटरचेंजिंग के प्रयास में भी तेजी

गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण के साथ-साथ औद्योगिक गलियारों के विकास पर भी काम किया जा रहा है। खिरनी मोहिद्दीनपुर और लहरावन में एक्सप्रेसवे को अन्य प्रमुख सड़कों से जोड़ने का कार्य प्रगति पर है। मुरादाबाद-अलीगढ़ मार्ग को जोड़ने के लिए खिरनी मोहिद्दीनपुर पर इंटरलिंकिंग का काम शुरू हो चुका है। इसके अलावा बिजनौर और बदायूं मार्ग को जोड़ने के लिए किसौली के निकट भी एक ओवरब्रिज बनाया जा रहा है। इन प्रयासों से औद्योगिक और यातायात की गतिशीलता में सुधार की उम्मीद है।

भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकता है एक्सप्रेसवे

वर्तमान में गंगा एक्सप्रेसवे को छह लेन का बनाया जा रहा है, लेकिन भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की योजना है। इसके लिए आवश्यक जगह का पहले से ही अधिग्रहण किया जा रहा है। डिवाइडर और रेस्क्यू लेन को काफी चौड़ा बनाया जा रहा है, ताकि जब आवश्यकता हो, इसे आठ लेन में बदला जा सके।

शुरुआत में इस परियोजना को भूमि अधिग्रहण और प्रारंभिक चरण में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिसके कारण कार्य की गति धीमी रही। लेकिन अब मशीनों के दिन-रात काम करने से परियोजना में तेजी आई है। जिले में कुल 95 स्ट्रक्चर बनाए जाने हैं, जिनमें से 82 पूरे हो चुके हैं। अगले दो महीनों में सभी स्ट्रक्चर को पूरा कर एक्सप्रेसवे को जोड़ने की योजना है।

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