Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    संभल में चुनावी रंजिश में प्रधान के पति की हत्या के दोषियों को उम्रकैद, गला घोंटकर की थी हत्या

    Updated: Thu, 11 Jun 2026 03:42 AM (IST)

    संभल न्यायालय ने चुनावी रंजिश में प्रधान पति वीरेंद्र सिंह की गला घोंटकर हत्या करने के मामले में दो दोषियों सुनील और ब्रह्मपाल को आजीवन कारावास की सजा ...और पढ़ें

    चुनावी रंजिश में प्रधान के पति की हत्या के दोषियों को उम्रकैद।

    चुनावी रंजिश में प्रधान के पति की हत्या के दोषियों को उम्रकैद।

    HighLights

    1. प्रधान पति की चुनावी रंजिश में हुई थी हत्या।

    2. दो दोषियों सुनील और ब्रह्मपाल को आजीवन कारावास।

    3. न्यायालय ने 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।

    संवाद सहयोगी, चंदौसी। न्यायालय ने चुनाव और कोटे की रंजिश में घर से ले जाकर प्रधान पति की गला घोंटकर हत्या करने और उसे आत्महत्या में दर्शाने के लिए शव पेड़ से लटकाने के मामले में दो आरोपितों को दोष सिद्ध किया है। साथ ही दाेषियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया है। जुर्माने की राशि जमा न करने पर दोषियों को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगताना होगा।

    कुढ़ फतेहगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम धनुपुरा के प्रधान पति वीरेंद्र सिंह का शव 11 जून साल 2017 को गांव के बिरनामी के खेत में शीशम के पेड़ से लटका मिला था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला घोंटकर हत्या की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस हत्या की जांच शुरू की।

    20 जून को मृतक की पत्नी अनीता देवी ने पुलिस को तहरीर दी। जिसमें बताया कि 10 जून को शाम पांच बजे करीब उसके पति वीरेंद्र सिंह को गांव के सुनील और ब्रह्मपाल सिंह घर से बुलाकर ले गए थे। जब काफी देरतक पति वापस नहीं लौटे तो उनकी तलाश शुरू की। 11 जून को उनका शव शीशम के पेड़ से लटका मिला।

    अनीता ने शक जताया कि उसके पति को सुनील व ब्रह्मपाल ने शराब पिलाकर शर्ट का फंदा लगाकर मार दिया। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पूरे प्रकरण की जांच की। सामने आया कि ब्रह्मपाल और सुनील ने राशन के कोटे और चुनावी रंजिश में वीरेंद्र की हत्या कर शव पेड़ से लटकाया है।

    खबरें और भी

    इसके बाद पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि इस प्रकरण की सुनवाई सत्र न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह के न्यायालय में हुई। जिसमें दोनाें पक्षों को सुनने के बाद न्यायालय ने ब्रह्मपाल और सुनील को हत्या का दोषी माना और आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 25-25 हजार का अर्थदंड में लगाया है।