जामा मस्जिद हिंसा के बाद 'सख्त' हुई संभल पुलिस, एटीएस और सीसीटीवी के पहरे में थमा अपराध
संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की है। मास्टरमाइंड शारिक साठा की गिरफ्तारी और नई चौकियों-थानों के निर्माण स ...और पढ़ें

हरिहर मंदिर
HighLights
तीन साल के आंकड़े दे रहे गवाही, चौकी-थाने बनने के साथ पुलिस ने बढ़ाई सख्ती
संवाद सहयोगी, जागरण, बहजोई। जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर के सर्वे के विरोध में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद संभल में न सिर्फ सुरक्षा तंत्र विकसित किया गया बल्कि अपराधियों पर भी कार्रवाई का शिकंजा कसा गया। इसका असर ये हुआ कि अपराधों में कमी हुई। बता दें कि हिंसा में चार लोगों की मौत के साथ ही कई पुलिसकर्मी घायल हुए थे।
सरकारी वाहनों को भी उपद्रवियों ने फूंक दिया था और पथराव भी किया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हिंसा के मास्टरमाइंड शारिक साठा पर शिकंजा कसा तो उसके गुर्गों व आरोपित अन्य उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए आरआरएफ और पीएसी की नियमित तैनानी के साथ 39 पुलिस चौकियां और रायसत्ती व बबराला दो नए थाने भी बनाए।
हिंसा का केंद्र बिंदु रही जामा मस्जिद के सामने सत्यव्रत पुलिस चौकी की स्थापना कर यहां कंट्रोल रूम बनाया गया। जिसमें नगर में लगाए गए 224 सीसीटीवी कैमरों से 24 घंटे निगरानी की जा रही है। एटीएस की यूनिट स्थापना को भी मंजूरी मिली और एक टीम सत्यव्रत पुलिस में काम भी कर रही है। इन सभी प्रयासों का फर्क 2025 में देखने को मिला। संभल कोतवाली क्षेत्र में वर्ष 2023 में 538 आपराधिक मामले दर्ज हुए थे।
वहीं वर्ष 2024 में इनकी संख्या घटकर 360 रह गई और हिंसा के बाद पुलिस की निरंतर कार्रवाई, निगरानी और दबिशों के चलते वर्ष 2025 में यह आंकड़ा और घटकर 290 पर आ गया। हालांकि शहर के ही नखासा थाने में 2023 में 449 मुकदमे दर्ज हुए थे, फिर अगले साल 2024 में घटकर 326 पर पहुंचे और अब 2025 में 332 मामले दर्ज किए गए हैं।
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डकैती से राहत और हत्याओं में कमी
यदि पूरे जनपद के तीन वर्षों 2023, 2024 और 2025 के आपराधिक आंकड़ों का तुलनात्मक विश्लेषण किया जाए तो वर्ष 2023 में जनपद में डकैती की एक, लूट की 15, हत्या की 33, बलवा की 12 और चोरी की 54 घटनाएं दर्ज हुई थीं। जबकि वर्ष 2024 में ये आंकड़ा बढ़ गया और डकैती की एक, लूट की 14, हत्या की 33, बलवा की 16 और चोरी की 64 घटनाएं दर्ज हुईं।
जबकि वर्ष 2025 में डकैती की कोई भी घटना दर्ज नहीं हुई, लूट के मामले घटकर 12 रह गए, हत्या के मामलों में कमी के साथ संख्या 28 पर आ गई। बलवा की 13 घटनाएं दर्ज हुईं और चोरी के मामलों में भी गिरावट के साथ आंकड़ा 58 रहा।
संभल शहर सहित जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस लगातार कार्य कर रही है। प्रयास है कि जिले के दामन से अपराधिक कलंक हटाया जाए। हिंसा के बाद से पुलिस पूरी तरह अलर्ट है। कैमरे लगवाए गए हैं और संभल में आरआरएफ के साथ पीएसी की तैनाती नियमित है।
- केके बिश्नोई, एसपी, संभल।
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